गवर्नर नियुक्ति पर अंकिता के माता-पिता का विरोध, CBI जांच पूरी होने तक रोक की मांग

नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में विरोध जताया। परिवार ने राष्ट्रपति से नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि अंकिता हत्याकांड के कथित ‘वीआईपी एंगल’ की CBI जांच पूरी होने तक यह नियुक्ति आगे नहीं बढ़नी चाहिए। राष्ट्रपति भवन की 12 अक्टूबर की विज्ञप्ति में गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की घोषणा की गई थी।

अंकिता के माता-पिता ने 14 अक्टूबर को इंडिया गेट के पास धरना दिया। रिपोर्टों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी उनसे मुलाकात की। 15 अक्टूबर तड़के दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान अंकिता के माता-पिता सहित कुछ प्रदर्शनकारियों और कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया।

गौतम का नाम मामले से जुड़े कथित वीआईपी को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद चर्चा में आया। पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर कथित ऑडियो और वीडियो साझा कर गौतम को इस मामले के ‘वीआईपी’ से जोड़ा था। गौतम ने आरोपों से इनकार किया है और मानहानि का मुकदमा दायर किया। जनवरी में दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए कुछ पक्षों को गौतम को कथित ‘वीआईपी’ बताने वाली सामग्री पोस्ट करने से रोका था। यह आदेश मामले में गौतम की आपराधिक संलिप्तता का निष्कर्ष नहीं है।

अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या हुई थी। इस मामले में अदालत ने मई 2025 में पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। परिवार की मौजूदा मांग कथित वीआईपी एंगल की जांच और नियुक्ति को जांच पूरी होने तक रोकने से जुड़ी है।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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