डालकन्या भोलापुर स्कूल प्रकरण पर बाल अधिकार आयोग सख्त, 10 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट

आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक; बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश

नैनीताल। ओखलकांडा ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज डालकन्या भोलापुर में बच्चों के साथ कथित मारपीट और धरना-प्रदर्शन से जुड़े मामले का बाल संरक्षण अधिकार आयोग उत्तराखंड ने संज्ञान लिया है। प्रिंट और सोशल मीडिया में प्रसारित खबरों के साथ आयोग को मिली शिकायतों के आधार पर मामले में कार्रवाई शुरू की गई है।

आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार की अध्यक्षता में विद्यालय परिसर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक से पहले विद्यालय भवन का निरीक्षण किया गया और विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली गई। बैठक में घटनाक्रम, कथित मारपीट, धरना-प्रदर्शन और पढ़ाई के माहौल पर उसके असर की समीक्षा की गई।

आयोग ने शिक्षा विभाग को जांच के लिए नोडल विभाग नामित किया है। खंड शिक्षा अधिकारी ओखलकांडा सोहलिता नेगी, खंड शिक्षा अधिकारी भीमताल कैना चौहान और संबंधित विभागों के अधिकारियों को जांच समिति में शामिल किया गया है। समिति को सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर 10 दिनों के भीतर आयोग को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में बाल कल्याण समिति नैनीताल, जिला प्रोबेशन अधिकारी के प्रतिनिधि, बाल कल्याण पुलिस इकाई, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस टीम, चाइल्ड हेल्पलाइन, खन्स्यू थाना पुलिस, विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्य और संबंधित शिक्षक शामिल हुए।

रजवार ने कहा कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनकी पढ़ाई तथा मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल असर न पड़े। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता है। बच्चों के साथ मारपीट या उत्पीड़न और उनकी पढ़ाई को प्रभावित करने वाली गतिविधियां स्वीकार्य नहीं हैं।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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