कालाढूंगी में भाजपा टिकट की दावेदारी तेज, पूर्व ब्लॉक प्रमुख आनंद दरमवाल ने ठोकी ताल

मदन कौशिक के समक्ष रखी टिकट की मांग, बोले- पार्टी ने मौका दिया तो सबसे अधिक मतों से जीतकर मजबूत करेंगे मुख्यमंत्री धामी के हाथ
हल्द्वानी। कालाढूंगी विधानसभा सीट पर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकट की दावेदारी लगातार तेज होती जा रही है। वर्तमान विधायक बंशीधर भगत के बाद अब पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आनंद सिंह दरमवाल ने भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी के संकेत देते हुए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। उन्होंने भाजपा की कोर कमेटी के सदस्य एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के समक्ष कालाढूंगी विधानसभा सीट से पार्टी का प्रत्याशी बनाए जाने की मांग रखी।
पत्रकारों से बातचीत में आनंद सिंह दरमवाल ने कहा कि वह लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनता के बीच काम कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों से उनका लगातार संपर्क है और उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी उन्हें कालाढूंगी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का अवसर देती है तो वह पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे और सबसे अधिक मतों से जीत दर्ज कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों को मजबूत करेंगे।
परिवारवाद के सवाल पर दिया स्पष्ट जवाब
कालाढूंगी विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक बंशीधर भगत के पुत्र विकास भगत की दावेदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर आनंद सिंह दरमवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में परिवारवाद नहीं चलता है। उन्होंने बंशीधर भगत को पार्टी का वरिष्ठ नेता बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में टिकट वितरण का निर्णय संगठन का होता है, किसी एक व्यक्ति का नहीं।
दरमवाल ने कहा कि प्रत्याशी चयन करना पार्टी का अधिकार है और इस संबंध में अंतिम निर्णय संगठन को ही लेना है। उनका कहना था कि किसी भी कार्यकर्ता की दावेदारी का मूल्यांकन उसके संगठनात्मक जुड़ाव, कार्य और जनता के बीच सक्रियता के आधार पर होना चाहिए।
टिकट को लेकर बढ़ने लगी राजनीतिक सरगर्मी
आनंद सिंह दरमवाल की दावेदारी के बाद कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की टिकट की राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पहले से ही कई नामों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में पूर्व ब्लॉक प्रमुख और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष का खुलकर सामने आना पार्टी के भीतर टिकट को लेकर चल रही गतिविधियों को और चर्चा में ले आया है।
अब निगाहें भाजपा संगठन की आगामी रणनीति और प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया पर टिकी हैं। टिकट की दौड़ में कौन-कौन अपनी दावेदारी मजबूत करता है और संगठन किसे चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लेता है, यह आने वाला समय तय करेगा।







