मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम प्रस्ताव पर चर्चा की संभावना


देहरादून, (उत्तराखंड) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी दोपहर 12:30 बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में कई अहम प्रस्ताव पर चर्चा होगी और निर्णय होने की संभावना भी है. आगामी विधानसभा को मानसून सत्र को देखते हुए यह कैबिनेट बैठक बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
प्राप्त सूत्रों के अनुसार बैठक में विधानसभा मानसून सत्र की तिथियां का और आयोजन स्थल पर चर्चा हो सकती है इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे यहां पर एक महत्वपूर्ण बात उपनल कर्मियों को भी मिल सकता है समान कार्य का समान वेतन इसकी भी संभावना यहां पर व्यक्त की जा रही है.
कैबिनेट बैठक का सबसे अहम एजेंडा उपनल कर्मचारी को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का प्रस्ताव जो है. वह मान जा सकता है, जानकारी के अनुसार इस विषय पर गठित मंत्रीमंडली उपसमिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है रिपोर्ट में 1 मार्च 2026 से समान कार्य समान वेतन का लाभ देने की सिफारिश की गई है.
प्रस्ताव के मुताबिक 15 अक्टूबर 2024 तक विभिन्न विभागों में नियुक्त उपनाम कर्मचारी को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा इससे राज्य के करीब 22000 कर्मियों को लाभ मिलने की संभावना है यदि कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो यह उपनल कर्मचारी के लिए बहुत बड़ा फैसला होगा.
एमबीबीएस छात्रों के लिए 3 साल की अनिवार्य सेवा का प्रस्ताव : स्वास्थ्य विभाग की कैबिनेट के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव आया है इस प्रस्ताव के अनुसार राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस करने वाले छात्रों को पार्वती और सरकारी क्षेत्र में काम से कम 3 वर्ष तक अनिवार्य सेवा देनी होगी इसके बाद ही उन्हें पोस्टग्रेजुएट में प्रवेश के लिए अनुमति मिलेगी.
सरकार का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था में कई डॉक्टर Bond अवधि पूरे किए बिना पीजी में प्रवेश ले लेते हैं जिससे सरकारी अस्पतालों विशेष कर खासतौर से पर्वतीय जिलों में डॉक्टरों की कमी बनी रहती है नई व्यवस्था लागू होने पर इस समस्या को कम करने में मदद मिलने की संभावना है.
संविदा कर्मियों के नियमितीकरण पर भी हो सकती है चर्चा अब कैबिनेट बैठक में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी उठ सकता है हालांकि इस पर अंतिम फैसला होना अभी बाकी है बैठक के बाद ही इसमें यह स्थिति स्पष्ट हो पाएगी इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े कई प्रशासनिक और नीतिगत प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल की मोहर लगने की संभावना है आगामी उत्तराखंड विधानसभा मानसून सत्र की तिथियां और स्थान को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा होने की संभावना है सरकार सत्र के एजेंट और तैयारी को अंतिम रूप दे सकती है.





