हल्द्वानी में 10 सितंबर को जुटेंगे 5 हजार पूर्व सैनिक, भव्य होगा गौरव सेनानी मिलन समारोह

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी बोले—शहीद परिवारों को ₹50 लाख अनुदान, एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था

हल्द्वानी, 08 सितंबर 2026। उत्तराखंड के सैनिक बहुल राज्य होने के गौरव को रेखांकित करते हुए आगामी 10 सितंबर को हल्द्वानी के वाटिका गार्डन में भारतीय सैन्य बलों एवं अर्द्धसैनिक बलों के गौरव सेनानियों का भव्य मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में प्रदेशभर से करीब 5 हजार पूर्व सैनिकों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है। यह जानकारी कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण तथा ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को उपनल कार्यालय हल्द्वानी में मीडिया से वार्ता के दौरान दी।

मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि समारोह का आयोजन 10 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे किया जाएगा। इसका उद्देश्य पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और सैन्य परिवारों के योगदान को सम्मान देना तथा उनके साथ संवाद स्थापित करना है।

शहीद परिवारों के लिए बढ़ाया गया अनुदान

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वीरता पदक प्राप्त करने वाले पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की है। उन्होंने बताया कि शहीद सैनिकों की विधवाओं को मिलने वाली शहीद अनुदान राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है।

उन्होंने कहा कि शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था भी की गई है। अब तक 28 शहीद परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।

उत्तराखंड को सैन्य गौरव की धरती बताया

गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गौरव की बात है कि देश के प्रथम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, प्रथम CDS स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत और द्वितीय CDS जनरल अनिल चौहान इसी प्रदेश से हैं। उन्होंने कहा कि तृतीय CDS भी गढ़वाल रेजिमेंट से संबंधित हैं।

अक्टूबर में जनता को समर्पित होगा सैन्य धाम

मंत्री ने बताया कि देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया गया है, जिसे लगभग अक्टूबर माह में जनता को समर्पित किए जाने की तैयारी है। सैन्य धाम में देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 1,734 शहीद परिवारों के आंगन की मिट्टी और 28 नदियों का जल लाया गया है।

उन्होंने बताया कि सैन्य धाम परिसर में बाबा जसवंत सिंह और बाबा हरभजन सिंह के मंदिर भी बनाए गए हैं। साथ ही वीर सैनिकों की गाथाओं और उनके शौर्य को प्रदर्शित करने के लिए लाइट एंड साउंड शो भी आयोजित किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि सैन्य धाम उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा और चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु यहां वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान से परिचित हो सकेंगे।

शहीदों के नाम पर गांवों में सड़क और स्कूल

गणेश जोशी ने कहा कि सीमा पर शहीद होने वाले वीर सैनिकों के पैतृक गांवों में उनके नाम पर सड़क और स्कूल का नामकरण तथा शहीद की प्रतिमा स्थापित करने का कार्य सरकार प्राथमिकता से कर रही है। उन्होंने कहा कि वीर सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री ध्रुव रौतेला तथा क्षेत्रीय परियोजना अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल गोविंद सिंह कन्याल (अप्रा.) उपस्थित रहे।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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