जयपुर खीमा में गुलदार की दस्तक से दहशत, खेतों में जाने से कतरा रहे ग्रामीण

शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर लोग, पिंजरा लगाकर गुलदार पकड़ने की मांग
हल्द्वानी। ग्राम पंचायत जयपुर खीमा, धनपुर और आसपास के गांवों में गुलदार की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत है। खेतों और आबादी के आसपास गुलदार दिखाई देने की सूचना से किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। वहीं शाम होते ही लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को जल्द पकड़ने और क्षेत्र में नियमित गश्त कराने की मांग की है।
गुलदार की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान रमेश चंद्र जोशी, ग्राम पंचायत जयपुर खीमा की प्रधान सीमा पाठक और क्षेत्र पंचायत सदस्य कमला दुर्गापाल समेत ग्रामीणों ने तराई केंद्रीय वन प्रभाग, रुद्रपुर के प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और जब तक गुलदार नहीं पकड़ा जाता, तब तक क्षेत्र में वन विभाग की टीम की नियमित पेट्रोलिंग कराने की मांग की गई।
अगस्त से दिखाई देने की बात
ग्रामीणों के अनुसार पिछले अगस्त माह से जयपुर खीमा, धनपुर और आसपास के गांवों के खेतों व आबादी क्षेत्र के नजदीक गुलदार दिखाई दे रहा है। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। किसान खेती के काम के लिए अकेले खेतों में जाने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गुलदार की मौजूदगी की सूचना अगस्त माह में ही वन विभाग को दी गई थी। सूचना पर वन विभाग की टीम क्षेत्र में पहुंची और निगरानी भी की, लेकिन अभी तक गुलदार को पकड़ने में सफलता नहीं मिली है।
पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से वन विभाग से मांग की कि गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाया जाए। इसके साथ ही गुलदार के पकड़े जाने तक गांव और आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग की टीम की नियमित गश्त कराई जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के नजदीक गुलदार की मौजूदगी से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इन लोगों ने दिया ज्ञापन
ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान रमेश चंद्र जोशी, ग्राम पंचायत जयपुर खीमा की प्रधान सीमा पाठक, क्षेत्र पंचायत सदस्य कमला दुर्गापाल, सामाजिक कार्यकर्ता कीर्ति पाठक, देवश कबडाल और रवि कबडाल सहित ग्रामीण शामिल रहे।
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी नैनीताल और वन सचिव, देहरादून को भी भेजी गई है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर जल्द कार्रवाई कराने की मांग की है।







