स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर संजय पाण्डे ने एसएसपी से की मुलाकात, एल.आर. साह रोड व मुख्य बाजार की यातायात व्यवस्था में सुधार की उठाई मांग

अल्मोड़ा। शहर की यातायात व्यवस्था एवं स्कूली बच्चों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं आर.टी.आई. एक्टिविस्ट संजय कुमार पाण्डे ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रशेखर घोडके से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता आशीष जोशी भी उनके साथ उपस्थित रहे।

संजय पाण्डे ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए पत्र में एल.आर. साह रोड पर एन.टी.डी. से शिखर तिराहे की ओर स्कूल खुलने एवं छुट्टी के समय चौपहिया वाहनों के संचालन को बंद अथवा नियंत्रित करने की मांग की।

उन्होंने बताया कि एल.आर. साह रोड काफी संकरा मार्ग है और स्कूल समय में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे पैदल आवागमन करते हैं। चौपहिया वाहनों की आवाजाही तथा सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग के कारण मार्ग और अधिक संकरा हो जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों एवं अन्य पैदल राहगीरों को वाहनों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

संजय पाण्डे ने बताया कि पूर्व में स्कूल खुलने एवं छुट्टी के समय इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था नियंत्रित की गई थी तथा चौपहिया स्कूली वाहन भी इस मार्ग से संचालित नहीं होते थे, बल्कि अपने पूर्व निर्धारित मार्ग से आवागमन करते थे। उन्होंने मांग की कि पूर्व व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए संबंधित विद्यालयों एवं स्कूली वाहन संचालकों को पूर्व निर्धारित मार्ग से ही वाहनों का संचालन करने के निर्देश दिए जाएं।

उन्होंने संबंधित पुलिस चौकियों एवं ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को स्कूल समय में यातायात नियंत्रण तथा सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की। साथ ही साईं मंदिर एवं विशाल मेगा मार्ट के पास स्कूल समय में आवश्यक पुलिसकर्मी अथवा गार्ड की तैनाती करने की मांग की, ताकि रानीधारा की ओर से आने वाले वाहनों को प्रतिबंधित मार्ग में प्रवेश करने से रोका जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि यातायात नियंत्रण की व्यवस्था इस प्रकार बनाई जाए कि एंबुलेंस, रोगियों एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न हो और आवश्यकता पड़ने पर मार्ग तत्काल उपलब्ध कराया जा सके।

इसके अलावा मुख्य बाजार में अनावश्यक एवं तेज गति से चलाए जा रहे दोपहिया वाहनों पर भी प्रभावी नियंत्रण की मांग की गई। पाण्डे ने कहा कि मुख्य बाजार में पैदल चलने वाले नागरिकों की संख्या अधिक रहती है। इसलिए पूर्व की भांति केवल आवश्यक कार्य वाले वाहनों के प्रवेश की व्यावहारिक व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जाना चाहिए, जिससे पैदल राहगीरों, विशेषकर बच्चों एवं बुजुर्गों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता आशीष जोशी ने कहा कि एल.आर. साह रोड एवं मुख्य बाजार की यातायात व्यवस्था केवल वाहनों के आवागमन का विषय नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम नागरिकों और विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

उन्होंने कहा कि स्कूल समय में जब बड़ी संख्या में बच्चे पैदल सड़क से गुजरते हैं, उस समय संकरे मार्ग पर चौपहिया एवं दोपहिया वाहनों का अधिक दबाव तथा सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग चिंता का विषय है। कई बार पैदल राहगीरों को वाहनों के बीच से होकर निकलना पड़ता है।

आशीष जोशी ने कहा कि “किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ऐसी यातायात व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे दुर्घटना की स्थिति ही उत्पन्न न हो। बच्चों, बुजुर्गों और पैदल चलने वाले नागरिकों की सुरक्षा को यातायात व्यवस्था में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे वाहनों का आवागमन भी व्यवस्थित रहे और पैदल नागरिकों के लिए सुरक्षित स्थान भी उपलब्ध हो।

संजय पाण्डे ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर पूर्व में कुमाऊं मंडल आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष भी मामला उठाया है तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से भी प्रकरण संज्ञान में लाया गया है।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रशेखर घोडके ने पूरी बात को गंभीरता एवं ध्यानपूर्वक सुना और यातायात व्यवस्था से जुड़े इन मामलों में आवश्यक एवं ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
संजय पाण्डे ने कहा कि उनकी मांग का उद्देश्य किसी व्यक्ति, विद्यालय अथवा वाहन संचालक को अनावश्यक परेशानी में डालना नहीं है, बल्कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों एवं आम पैदल राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अल्मोड़ा शहर में सुरक्षित एवं सुचारु यातायात व्यवस्था बनाना है।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस मामले में समयबद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की अपेक्षा की है।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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