धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर के लिए 40 हेक्टेयर भूमि मंजूर, गौपालकों को बढ़ी सब्सिडी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जनहित, न्यायिक व्यवस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक कल्याण और समाज कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे अहम निर्णय हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए करीब 40 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित करने का रहा। इस फैसले के साथ लंबे समय से प्रस्तावित उच्च न्यायालय के नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ गया है।

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुरूप लगभग 40 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए स्वीकृत की गई है। सरकार का मानना है कि नए परिसर के निर्माण से न्यायिक व्यवस्थाओं का विस्तार होगा और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।
कैबिनेट ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सेक्टर गौ पालन योजना का दायरा भी बढ़ाने का निर्णय लिया। अब सामान्य वर्ग के पशुपालक भी गाय और भैंस खरीदने पर सरकारी अनुदान के पात्र होंगे। पशुओं की यूनिट लागत 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के पशुपालकों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। सरकार का अनुमान है कि पहले वर्ष में करीब 2,128 पशुपालकों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
बैठक में उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई। नई नियमावली के तहत न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन का भुगतान, डिजिटल माध्यम से वेतन वितरण तथा समान कार्य के लिए महिला और पुरुष को समान वेतन देने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे राज्य के श्रमिकों के अधिकारों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों के संचालन के लिए नियमावली-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई। नई व्यवस्था के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रावासों में बेहतर आवास, गुणवत्तापूर्ण भोजन और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनकी शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा।
कैबिनेट ने राज्य में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन को भी मंजूरी दी। संशोधित समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा निस्तारण और स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुरूप उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम-2017 में आवश्यक बदलाव के लिए अध्यादेश लाने का निर्णय भी लिया गया। सरकार का कहना है कि इससे राज्य की कर व्यवस्था राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप अद्यतन और प्रभावी बनी रहेगी।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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