मोरनौला–मझौला लिंक रोड के निर्माण का मामला फिर चर्चा में, लोक निर्माण विभाग ने संबंधित खंड को भेजा प्रकरण

नैनीताल। पहाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत करने और लंबे समय से प्रस्तावित लिंक मार्गों के निर्माण का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। लोक निर्माण विभाग के भवाली स्थित अस्थायी खंड के अधिशासी अभियंता कार्यालय ने लिंक मार्ग निर्माण से संबंधित प्रकरण को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित खंड को भेजने की प्रक्रिया की जानकारी दी है।

सांसद अजय भट्ट के पत्र के क्रम में हुई कार्रवाई
उपलब्ध विभागीय पत्र के अनुसार, अधिशासी अभियंता, अस्थायी खंड, लोक निर्माण विभाग, भवाली की ओर से 9 अक्टूबर 2026 को पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री तथा नैनीताल-ऊधम सिंह नगर के सांसद अजय भट्ट को पत्र भेजा गया है। यह पत्र सांसद के 18 सितंबर 2026 के पत्र के संदर्भ में जारी किया गया।
पत्र में ओखलकांडा क्षेत्र के अंतर्गत कौन्ता और उणगांव से चौदान तक मिसिंग लिंक मार्ग के निर्माण का विषय उठाया गया है। विभागीय कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि संबंधित मार्ग का निर्माण कार्य उसके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता है। इस मामले को लोक निर्माण विभाग के नैनीताल स्थित प्रांतीय खंड से संबंधित बताते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित खंड को प्रकरण भेजने का अनुरोध किया गया है।
ग्रामीणों को सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद
पहाड़ी क्षेत्रों में लिंक मार्गों का निर्माण ग्रामीणों के लिए आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित मार्ग के निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।
हालांकि, उपलब्ध पत्र में निर्माण कार्य की स्वीकृति, बजट आवंटन या कार्य शुरू होने की कोई पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल पत्र से संबंधित प्रकरण को उचित विभागीय स्तर पर भेजने की जानकारी मिलती है। अब यह देखना होगा कि संबंधित खंड इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
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