माँ भगवती पर अटूट विश्वास से मिलता है हर संकट से लड़ने का संबल, प्रो. राकेश चन्द्र रयाल का भक्तिमय भजन भावुक कर देगा मन

सत्य, धैर्य और सकारात्मकता का संदेश दे रहा ‘हे माँ जगत जननी’ भजन, माँ धारी देवी और भगवती के चरणों में समर्पित की प्रार्थना

विशेष संवाददाता। जीवन में जब परिस्थितियां विपरीत हो जाती हैं, मन निराशा से घिर जाता है और कठिनाइयों के बीच सही राह चुनना चुनौती बन जाता है, तब ईश्वर के प्रति अटूट आस्था इंसान को संबल प्रदान करती है। माँ भगवती के प्रति इसी श्रद्धा, विश्वास और समर्पण के भावों को अभिव्यक्त करता प्रो. राकेश चन्द्र रयाल (मनरागी) का भक्तिमय भजन श्रद्धालुओं को धैर्य, साहस और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
आस्था देती है कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति
प्रो. राकेश चन्द्र रयाल का कहना है कि जीवन में कई बार ऐसे कठिन दौर आते हैं, जब व्यक्ति को समझ नहीं आता कि वह अपनी पीड़ा किससे साझा करे। विपरीत परिस्थितियों में अपने भी पराए लगने लगते हैं और चारों ओर निराशा दिखाई देने लगती है। ऐसे समय में माँ भगवती के प्रति विश्वास मनुष्य को टूटने नहीं देता, बल्कि उसे धैर्य रखने और कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति देता है।
उनके अनुसार, सच्ची भक्ति केवल मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करना नहीं है, बल्कि अपने भीतर सद्बुद्धि, साहस और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी है। माँ के चरणों में की गई प्रार्थना व्यक्ति को मानसिक शांति देने के साथ ही सत्य और सद्कर्मों के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
द्वेष छोड़ें, सत्य का साथ दें
भजन के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देते हुए प्रो. रयाल ने कहा कि किसी के प्रति द्वेष नहीं रखना चाहिए, न किसी का बुरा सोचना चाहिए और न ही किसी के बुरे समय का कारण बनना चाहिए। समय और परिस्थितियां बदलती रहती हैं, लेकिन व्यक्ति के कर्म और उसका अंतःकरण हमेशा उसके साथ रहते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सत्य का साथ देते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब मन व्याकुल हो, रास्ते कठिन लगें और भविष्य को लेकर अनिश्चितता हो, तब माँ भगवती का स्मरण करते हुए उनसे सही-गलत में अंतर समझने की बुद्धि, संकटों से लड़ने का साहस और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की शक्ति मांगनी चाहिए।
‘हे माँ जगत जननी’ भजन में सुख-शांति की प्रार्थना
प्रो. राकेश चन्द्र रयाल (मनरागी) ने अपने भजन ‘हे माँ जगत जननी’ को माँ भगवती के चरणों में समर्पित किया है। इसमें माँ से सभी के जीवन से दुःख, भय और निराशा दूर करने तथा प्रत्येक परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की गई है।
भजन का भाव है कि माँ उन लोगों को संबल प्रदान करें, जो संकटों से जूझ रहे हैं; निराश लोगों के जीवन में आशा का संचार करें और सत्य के मार्ग पर चलने वालों को विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ बने रहने की शक्ति दें। साथ ही सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य, समृद्धि और सद्बुद्धि की कामना की गई है।
श्रद्धालुओं से भजन सुनने और साझा करने की अपील
प्रो. रयाल ने श्रद्धालुओं से माँ भगवती के इस भक्तिमय भजन को सुनने और इसके भावों को आत्मसात करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भजन के शब्द मन को शांति देने, सकारात्मक सोच विकसित करने और माँ के प्रति श्रद्धा को और गहरा करने का माध्यम बन सकते हैं। इसे परिवार, मित्रों और अन्य श्रद्धालुओं तक पहुंचाकर भक्ति और सकारात्मकता का संदेश साझा किया जा सकता है।
उन्होंने माँ जगत जननी, माँ भगवती और माँ धारी देवी से सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने तथा प्रत्येक व्यक्ति को सद्बुद्धि, सुख, शांति और संकटों से उबरने का संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
यहां सुनें भक्तिमय भजन:
https://youtu.be/3SG-5Ogt_P8?si=AjLS7M3qqcuwFK6व
प्रो. राकेश चन्द्र रयाल (मनरागी) की ओर से सभी श्रद्धालुओं को माँ भगवती की भक्ति, आस्था और सकारात्मकता का संदेश।
🌺🙏 जय माँ धारी देवी! जय माँ भगवती! 🙏🌺


Advertisements

गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

You cannot copy content of this page