पोखरी की माटी का संवेदनशील दीप बुझा, नैनीताल की वादियां हुईं अश्रुपूरित जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी का आकस्मिक निधन, सूचना विभाग और मीडिया जगत में पसरा मातम; चित्रशिला घाट पर गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

हल्द्वानी। कुछ लोग महज एक पद पर तैनात अधिकारी नहीं होते, वे अपने व्यवहार, संवेदनशीलता और सरल स्वभाव से लोगों के दिलों में ऐसी जगह बना लेते हैं, जिसे समय भी मिटा नहीं पाता। जिला सूचना अधिकारी, नैनीताल गिरिजा शंकर जोशी भी ऐसे ही व्यक्तित्व के धनी थे। 12 सितंबर की दोपहर अचानक हृदयगति रुकने से उनके निधन की खबर ने सूचना विभाग, मीडिया जगत और विभिन्न सरकारी विभागों को भीतर तक झकझोर दिया। उनके असमय चले जाने से हर कोई स्तब्ध है। एक सहज, मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी का यूं अचानक चले जाना सहयोगियों और परिचितों के लिए किसी गहरे सदमे से कम नहीं है।
स्वर्गीय जोशी अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह क्षण असहनीय पीड़ा का है। जिस घर में कुछ दिन पहले तक बातचीत, हंसी और अपनों की मौजूदगी थी, वहां अचानक मातम पसरा है। परिजनों का करुण विलाप हर उस व्यक्ति की आंखें नम कर रहा था, जो उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचा।
आठ बजे घर से निकली अंतिम यात्रा, नम आंखों से दी विदाई
रविवार सुबह करीब आठ बजे उनकी अंतिम यात्रा बीके पुरम, रेनबो पब्लिक स्कूल के समीप बिठोरिया नंबर-1 स्थित उनके आवास से रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट के लिए रवाना हुई। जैसे-जैसे अंतिम यात्रा आगे बढ़ी, बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ते रहे।
चित्रशिला घाट पर वातावरण पूरी तरह गमगीन रहा। अपनों को खोने का दर्द परिजनों के चेहरों पर साफ झलक रहा था। सहयोगियों और मित्रों की आंखें भी नम थीं। हर कोई यही कहता नजर आया कि गिरिजा शंकर जोशी का जाना केवल उनके परिवार की क्षति नहीं, बल्कि सूचना विभाग और मीडिया जगत के लिए भी एक ऐसी कमी है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।
अंतिम विदाई में पहुंचे अधिकारी, जनप्रतिनिधि और पत्रकार
अंतिम संस्कार में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ध्रुव रौतेला, दर्जा राज्यमंत्री शंकर कोरंगा, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल, सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेयी, नगर आयुक्त पारितोष वर्मा, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, सहायक निर्वाचन अधिकारी हंसादत्त पांडे, संयुक्त निदेशक/महानिदेशक सूचना के प्रतिनिधि के.एस. चौहान, जिला सूचना अधिकारी ऊधमसिंह नगर गोविंद बिष्ट, प्रभारी मीडिया सेंटर हल्द्वानी अहमद नदीम सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, सूचना विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और शोकाकुल परिजन मौजूद रहे।
सभी ने दिवंगत गिरिजा शंकर जोशी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके निधन को सूचना विभाग और मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया।
सरलता और संवेदनशीलता के लिए हमेशा याद रहेंगे जोशी
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि गिरिजा शंकर जोशी का व्यक्तित्व बेहद सरल, सहज और संवेदनशील था। अपने दायित्वों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और सहयोगियों के साथ आत्मीय व्यवहार उन्हें दूसरों से अलग पहचान देता था। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया और मीडिया तथा प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके अचानक निधन ने सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि जिंदगी वास्तव में कितनी क्षणभंगुर है। सुबह तक जो व्यक्ति अपने दायित्वों और अपनों के बीच था, वह दोपहर होते-होते हमेशा के लिए इस दुनिया से विदा हो गया।
पीछे रह गईं यादें और कभी न भरने वाला खालीपन
गिरिजा शंकर जोशी अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके साथ बिताए पल, उनका व्यवहार और उनकी आत्मीयता उनके साथ काम करने वालों की स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेगी। उनके जाने से परिवार में जो खालीपन पैदा हुआ है, वह शायद कभी नहीं भर सकेगा। सूचना विभाग और मीडिया जगत में भी उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई के साथ गिरिजा शंकर जोशी पंचतत्व में विलीन हो गए, लेकिन उनकी सरल मुस्कान, संवेदनशील स्वभाव और आत्मीय व्यवहार की यादें उनके परिचितों के बीच हमेशा जीवित रहेंगी








