नौ ठिकानों पर 4G नेटवर्क की उम्मीद! सांसद अजय भट्ट ने केंद्र से लगाई गुहार, सर्वे पूरा—अब मंजूरी का इंतजार
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने की पहल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर लंबित प्रस्तावों पर जल्द कार्रवाई का किया अनुरोध

हल्द्वानी। नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर करने की दिशा में सांसद अजय भट्ट ने पहल की है। उन्होंने संसदीय क्षेत्र के नौ प्रस्तावित स्थलों पर 4G मोबाइल सेवाओं के विस्तार से जुड़े लंबित प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देने के लिए केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखा है।
सांसद की इस पहल से उन क्षेत्रों के लोगों में बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी की उम्मीद जगी है, जहां नेटवर्क की उपलब्धता ग्रामीण जीवन, शिक्षा, कारोबार और डिजिटल सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, फिलहाल इन स्थलों पर 4G सेवा शुरू होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रस्तावों पर स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी।
इन नौ स्थानों पर प्रस्तावित है 4G सेवा का विस्तार
सांसद अजय भट्ट की ओर से भेजे गए प्रस्तावों में निम्नलिखित स्थान शामिल हैं—
- संजय वन — रुद्रपुर क्षेत्र
- टांडा फॉरेस्ट रेंज — रुद्रपुर क्षेत्र
- नलिनी — भीमताल क्षेत्र
- रतीघाट — बेतालघाट क्षेत्र
- ऊंचाकोट (मल्लागांव) — कैंची धाम क्षेत्र
- पड़ाली — कैंची धाम क्षेत्र
- नाथूनगर — कोटाबाग क्षेत्र
- बिंदुखत्ता — हल्द्वानी क्षेत्र
- मल्ली देवरिया — किच्छा क्षेत्र
पत्र में उल्लेख किया गया है कि इन सभी नौ स्थलों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और संबंधित प्रस्ताव आवश्यक कार्रवाई एवं स्वीकृति के लिए आगे भेजे जा चुके हैं।
ऑनलाइन पढ़ाई से लेकर सरकारी योजनाओं तक मिलेगा लाभ
सांसद ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया है कि संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों में शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में 4G मोबाइल सेवाएं उपलब्ध होने से स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और ग्रामीण परिवारों को लाभ मिल सकता है।
बेहतर नेटवर्क से विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई, ग्रामीणों को डिजिटल सरकारी सेवाओं का उपयोग, व्यापारियों को ऑनलाइन लेनदेन और आम नागरिकों को जरूरी सूचनाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी। दूरस्थ इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी मजबूत होने से आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क स्थापित करने में भी मदद मिल सकती है।
सर्वे पूरा, अब स्वीकृति पर टिकी निगाहें
नौ प्रस्तावित स्थलों का सर्वेक्षण पूरा होने की जानकारी के बाद अब स्थानीय लोगों की निगाहें केंद्र सरकार की मंजूरी और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। सांसद अजय भट्ट ने पत्र के माध्यम से इन प्रस्तावों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने का आग्रह किया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि इन नौ स्थानों पर 4G नेटवर्क की सुविधा कब तक उपलब्ध हो पाएगी? फिलहाल यह प्रस्तावित विस्तार है, सेवा शुरू होने की तारीख सामने नहीं आई है। संबंधित विभागों की स्वीकृति और क्रियान्वयन के बाद ही ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।







