नैनीताल में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज, 56 नोडल और 108 सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त

38 निर्वाचन कार्यों की निगरानी के लिए जिम्मेदारियां तय; अधिकारियों को समयबद्ध काम और आपसी समन्वय के निर्देश

नैनीताल, 5 नवंबर। विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 की तैयारियों के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने नैनीताल जिले में निर्वाचन से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए 56 नोडल और 108 सहायक नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। कुल 38 कार्यों के संचालन और निगरानी के लिए आदेश जारी किए गए हैं।

निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मतदान कार्मिकों की तैनाती व प्रशिक्षण, ईवीएम-वीवीपैट प्रबंधन, सुरक्षा, परिवहन, मतदाता जागरूकता, निर्वाचन व्यय निगरानी और मीडिया प्रबंधन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अधिकारी नामित किए गए हैं।

मतदान कार्मिक प्रबंधन के लिए मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि प्रशिक्षण प्रबंधन की जिम्मेदारी परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास को सौंपी गई है। आदर्श आचार संहिता के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व और निर्वाचन व्यय निगरानी के लिए मुख्य कोषाधिकारी नोडल अधिकारी होंगे।

परिवहन प्रबंधन के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन और जिला पूर्ति अधिकारी को नोडल बनाया गया है। ईवीएम प्रबंधन एवं प्रशिक्षण की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई, भीमताल को दी गई है। मीडिया सेल, एमसीएमसी और पेड न्यूज की निगरानी के लिए अधीक्षण अभियंता, पेयजल निगम तथा सहायक परियोजना अधिकारी, ग्राम विकास को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

कम्प्यूटरीकरण, मोबाइल एप और आईटी एप्लीकेशन के लिए जिला सूचना विज्ञान अधिकारी को नोडल बनाया गया है। मतदाता जागरूकता के स्वीप कार्यक्रम की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी और उच्च शिक्षा निदेशक को सौंपी गई है। मतपत्र, डाक मतपत्र, ईटीपीबीएस तथा लेखन सामग्री और प्रपत्र छपाई सहित अन्य कार्यों के लिए भी नोडल और सहायक नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने और प्रगति से जिला निर्वाचन अधिकारी को नियमित रूप से अवगत कराने को कहा गया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिकारी इसके लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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