नंदाष्टमी महोत्सव में विधिक जागरूकता, कौशल प्रशिक्षण और निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन

नैनीताल, 18 सितंबर 2026। श्री नंदाष्टमी महोत्सव (16 से 23 सितंबर) के अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल की ओर से जनहित में विधिक जागरूकता अभियान, कौशल प्रशिक्षण एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आमजन को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के साथ निःशुल्क कानूनी परामर्श, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
महोत्सव की पूरी अवधि में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के सहयोग से पैनल एडवोकेट्स एवं पैरा-लीगल वॉलंटियर्स की टीम स्टॉल पर तैनात की गई है। टीम द्वारा पारिवारिक एवं संपत्ति विवाद, घरेलू हिंसा, बैंकिंग धोखाधड़ी, साइबर अपराध, वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं के अधिकार सहित विभिन्न कानूनी विषयों पर निःशुल्क कानूनी सलाह दी जा रही है।
विधिक साक्षरता स्टॉल पर सरल भाषा में कानूनी पुस्तिकाएं भी वितरित की जा रही हैं। साथ ही लोगों को टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 एवं 1800-180-4000 की जानकारी दी जा रही है।
महिलाओं एवं युवाओं को सिलाई प्रशिक्षण
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला उद्योग केंद्र, नैनीताल के सहयोग से 17 एवं 18 सितंबर को दो दिवसीय निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें स्थानीय महिलाओं, युवाओं तथा स्वरोजगार में रुचि रखने वाले लोगों को बुनियादी सिलाई तकनीक तथा कपड़े की कटाई-सिलाई संबंधी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया।
अलग-अलग दिनों में निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं
जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के सहयोग से महोत्सव स्थल पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
- 18 सितंबर: दृष्टि सेंटर, हल्द्वानी की टीम द्वारा नेत्र जांच की सेवा प्रदान की गई।
- 19 एवं 20 सितंबर: शुभानु नेत्र अस्पताल, हल्द्वानी की टीम द्वारा नेत्र विशेषज्ञ जांच एवं स्क्रीनिंग की जाएगी।
- 19 सितंबर: चंदन अस्पताल, हल्द्वानी द्वारा सामान्य चिकित्सा एवं रक्तचाप जांच की सुविधा दी जाएगी।
- 20 से 22 सितंबर: द मेडिसिटी, रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर की टीम द्वारा बहु-विशेषज्ञता चिकित्सा शिविर संचालित किया जाएगा। उपलब्धता के अनुसार आवश्यक दवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन, ग्रामीण क्षेत्रों तथा दूरस्थ इलाकों से महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इन निःशुल्क शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा अपने कानूनी अधिकारों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। सभी शिविर निःशुल्क हैं और किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।







