त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, एक दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण

कैंचीधाम से भीमताल और भवाली तक चला सघन जांच अभियान, मिठाई, शहद, खोया और तेल समेत 12 खाद्य नमूने प्रयोगशाला भेजे जाएंगे

एक प्रतिष्ठान को नोटिस जारी, 15 दिन में अनुपालन नहीं करने पर होगी न्यायालयीय कार्रवाई

नैनीताल, 3 नवंबर 2026। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जनपद में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर विभागीय टीम ने कैंचीधाम क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर मिठाई की दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट और किराना प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।

अभियान के तहत खीनापानी, सुयालबाड़ी, काकड़ीघाट, छड़ा, खैरना, गरमपानी और कैंचीधाम क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान गुणवत्ता पर संदेह होने के आधार पर विभिन्न विक्रेताओं से सोनपापड़ी, शहद, बाल मिठाई, खोया, गुलाब जामुन और सरसों के तेल सहित कुल छह खाद्य नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर एक प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया। संबंधित प्रतिष्ठान को 15 दिन के भीतर कमियों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में अनुपालन नहीं होने पर न्यायालय में चालान की कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार, अधिनियम की धारा 55 के तहत अधिकतम दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। टीम ने प्रतिष्ठान संचालकों को कालातीत खाद्य सामग्री के लिए अलग ड्रॉप बॉक्स रखने के निर्देश भी दिए।

भीमताल और भवाली में भी हुई जांच

विभाग की दूसरी टीम ने वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में भीमताल और भवाली क्षेत्र में 10 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान पेठा, बेसन लड्डू, बूंदी लड्डू, बताशा और बेसन सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के छह नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

खाद्य कारोबारियों को दिए सख्त निर्देश

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए जनपद में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने, बिना बिल के खाद्य पदार्थों की खरीद नहीं करने, स्टॉक का पूरा विवरण रखने तथा खराब और कालातीत खाद्य सामग्री का विक्रय एवं भंडारण नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा दुकानों और भंडारण स्थलों की नियमित साफ-सफाई तथा आवश्यकतानुसार कीट नियंत्रण और दवा का छिड़काव करने को कहा गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में मिलावटी खाद्य सामग्री का विक्रय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वाले कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि जहां कहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका हो, उसकी सूचना विभाग को दें, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।

खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए सात महत्वपूर्ण निर्देश

असिस्टेंट कमिश्नर अजब सिंह रावत ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग आमजन और खाद्य कारोबारियों को लगातार जागरूक कर रहा है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए व्यापारियों को निम्न निर्देश दिए गए हैं—

  1. सभी खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और हाइजीन का विशेष ध्यान रखा जाए।
  2. खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं होनी चाहिए।
  3. पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और बैच नंबर स्पष्ट रूप से अंकित हों।
  4. प्रत्येक प्रतिष्ठान में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।
  5. खाद्य पदार्थों की खरीद पर बिल या कैश मेमो अवश्य लिया जाए और ग्राहकों को भी बिल दिया जाए।
  6. दुकानों में FSSAI लाइसेंस अथवा रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए।
  7. खराब एवं कालातीत खाद्य सामग्री का विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

असिस्टेंट कमिश्नर ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में अनियमितता, शिकायत अथवा प्रयोगशाला जांच में नमूना फेल होने की स्थिति में संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त निरीक्षण अभियान में ये अधिकारी रहे मौजूद

संयुक्त कार्रवाई में असिस्टेंट कमिश्नर अजब सिंह रावत, वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी असलम खान, वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह, राजस्व विभाग से खैरना के राजस्व उपनिरीक्षक मौ. शकील सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

विभाग के इस अभियान से स्पष्ट है कि त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि आमजन को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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