ढोल-डांडिया की थाप पर झूम उठा ग्राफिक एरा, गरबा फेस्ट में दिखी भारतीय संस्कृति की अनूठी छटा

नवरात्रि के रंग में रंगा हल्द्वानी परिसर, पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने गरबा-डांडिया से बांधा समां
खानपान के स्टॉल और सांस्कृतिक गतिविधियों ने बढ़ाई रौनक, उत्साह और उमंग के बीच यादगार बना उत्सव
हल्द्वानी। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के हल्द्वानी परिसर में गरबा फेस्ट का भव्य आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था को समर्पित इस उत्सव में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। ढोल की थाप, डांडिया की खनक और पारंपरिक संगीत की मधुर धुनों के बीच पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। विद्यार्थियों के उत्साह और उमंग ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
गरबा फेस्ट के दौरान परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से गरबा और डांडिया प्रस्तुत कर भारतीय लोक संस्कृति की जीवंत झलक दिखाई। संगीत की लय पर कदम मिलाते विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। चारों ओर उल्लास और उमंग का वातावरण रहा। आयोजन ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने और अपनी परंपराओं को करीब से अनुभव करने का अवसर प्रदान किया।
गरबा-डांडिया की धुन पर थिरके विद्यार्थी
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सामूहिक गरबा और डांडिया रहा। पारंपरिक धुनें बजते ही विद्यार्थी उत्साह के साथ नृत्य में शामिल हो गए। रंग-बिरंगे परिधानों और डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियों ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। विद्यार्थियों ने आपसी तालमेल और सामूहिक भागीदारी के साथ उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक विविधता के साथ एकता और आपसी सद्भाव का संदेश भी देखने को मिला।
खानपान के स्टॉलों ने बढ़ाई रौनक
गरबा फेस्ट को और आकर्षक बनाने के लिए परिसर में विभिन्न प्रकार के खानपान और मनोरंजक गतिविधियों के स्टॉल लगाए गए। विद्यार्थियों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने के साथ विभिन्न गतिविधियों में भी भागीदारी की। गरबा-डांडिया, खानपान और साथियों के साथ उत्सव मनाने के अवसर ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
सांस्कृतिक गतिविधियों से मजबूत हुआ आपसी जुड़ाव
गरबा फेस्ट ने विश्वविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक उत्साह के साथ आपसी मेलजोल और सामूहिक सहभागिता को भी बढ़ावा दिया। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ने के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को अभिव्यक्त करने का अवसर देते हैं। विभिन्न गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी ने विश्वविद्यालय की जीवंत और समावेशी संस्कृति को प्रदर्शित किया।
उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर यह आयोजन हंसी-खुशी के माहौल में संपन्न हुआ। गरबा की थाप, डांडिया की खनक और साथियों के साथ बिताए खुशनुमा पलों ने विद्यार्थियों के लिए यादगार अनुभव छोड़ दिया।







