ज्योलिकोट में जलजनित रोगों का बढ़ता प्रकोप: सांसद अजय भट्ट ने संभाला मोर्चा, अधिकारियों को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
डायरिया समेत जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए डीएम, सीएमओ और जल संस्थान के अधिकारियों से की सीधी बात पेयजल लाइनों की मरम्मत के लिए सांसद निधि से ₹2.50 लाख देने की घोषणा

ज्योलिकोट/नैनीताल। क्षेत्र में डायरिया सहित जलजनित रोगों के बढ़ते मामलों को लेकर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एवं नैनीताल-ऊधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट ने ज्योलिकोट पहुंचकर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली और बीमारी की रोकथाम के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
सांसद अजय भट्ट सर्वप्रथम वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश जोशी के आवास पर पहुंचे और उनके पुत्र के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
इसके बाद उन्होंने स्थानीय लोगों से क्षेत्र में फैल रहे डायरिया एवं अन्य जलजनित रोगों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था और जलजनित बीमारियों को लेकर अपनी समस्याएं सांसद के समक्ष रखीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद भट्ट ने मौके से ही जिलाधिकारी नैनीताल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा जल संस्थान के अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में बीमारी के कारणों की तत्काल जांच कराई जाए तथा संक्रमण की रोकथाम और लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हर संभव उपाय किए जाएं।
पेयजल लाइनों की मरम्मत के लिए सांसद निधि से ₹2.50 लाख
क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की आवश्यकता को देखते हुए सांसद अजय भट्ट ने पेयजल लाइनों की मरम्मत के लिए सांसद निधि से ढाई लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों से पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने को कहा।
सांसद ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ाई जाए और लोगों को जलजनित रोगों से बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं जागरूकता उपलब्ध कराई जाए।
स्थानीय लोगों ने क्षेत्र की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अधिकारियों से वार्ता करने और पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए सांसद निधि से धनराशि देने की घोषणा का स्वागत किया।
ज्योलिकोट में जलजनित रोगों की स्थिति ने पेयजल व्यवस्था की निगरानी और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की ओर है कि बीमारी की रोकथाम और पेयजल व्यवस्था सुधारने के निर्देशों को कितनी तेजी से धरातल पर लागू किया जाता है।







