ग्रामीण हुनर को मिला बाजार का बड़ा मंच: नाबार्ड समर्थित ‘ग्रामीण भारत महोत्सव’ का भव्य आगाज
उत्तराखंड के छह जिलों के ग्रामीण उत्पादों और पारंपरिक शिल्प की दिखी झलक, 50 स्टॉलों पर सजे स्थानीय उत्पाद


हल्द्वानी, 03 सितंबर 2026। उत्तराखंड के ग्रामीण उत्पादों, पारंपरिक कला और स्थानीय शिल्प को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में नाबार्ड समर्थित ‘ग्रामीण भारत महोत्सव’ का गुरुवार को रामलीला मैदान, शीशमहल, काठगोदाम, हल्द्वानी में भव्य शुभारंभ हुआ। पांच दिवसीय इस महोत्सव का उद्घाटन नैनीताल-ऊधम सिंह नगर के सांसद अजय भट्ट ने किया।
उद्घाटन समारोह में डॉ. हरीश बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख भीमताल, श्रीमती रेनू अधिकारी, राज्य दर्जा मंत्री सहित वरिष्ठ बैंक अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, कृषक उत्पादक संगठनों, ग्रामीण उद्यमियों, शिल्पकारों और गणमान्य नागरिकों ने प्रतिभाग किया।
छह जिलों के ग्रामीण उत्पादकों को मिला मंच
03 से 07 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में कुल 50 स्टॉल लगाए गए हैं। खास बात यह है कि इसमें केवल नैनीताल जनपद ही नहीं, बल्कि ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ सहित उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से स्वयं सहायता समूह, कृषक उत्पादक संगठन, ग्रामीण उद्यमी और पारंपरिक शिल्पकार अपने उत्पादों के साथ पहुंचे हैं।
प्रदर्शनी में उत्तराखंड की पहचान से जुड़े अनेक स्थानीय उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इनमें ऐपण कला, जूट के बैग, हस्तनिर्मित टोकरियां, मसाले एवं जैविक मसाले, घी, अचार, जूस, स्क्वैश, वस्त्र उत्पाद, रेशम से निर्मित सामग्री, पेंटिंग, सजावटी वस्तुएं सहित अनेक ग्रामीण एवं पारंपरिक उत्पाद शामिल हैं।
लोक संस्कृति ने बांधा समां
महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। कलाकारों ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
आगामी दिनों में महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ ऐपण कला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, ग्रामीण उत्पादकों एवं शिल्पकारों से संवाद सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तीकरण पर जोर
महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, स्थानीय कला एवं शिल्प को प्रोत्साहित करना तथा स्वयं सहायता समूहों, कृषक उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना है।
इस प्रकार के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित सामग्री को स्थानीय बाजार से आगे व्यापक उपभोक्ता वर्ग तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही इससे ग्रामीण महिलाओं, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को अपनी आजीविका गतिविधियों को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
नाबार्ड अधिकारियों ने लिया स्टॉलों का जायजा
कार्यक्रम के दौरान नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, नैनीताल श्री मुकेश बेलवाल ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, शिल्पकारों और ग्रामीण उद्यमियों से संवाद कर उनके उत्पादों, विपणन व्यवस्था तथा आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि नाबार्ड द्वारा ग्रामीण उद्यमिता, महिला सशक्तीकरण, स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन और बाजार संपर्क को मजबूत करने के लिए इस प्रकार के आयोजनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रामीण उत्पादकों को बाजार से जोड़ना उनकी आय और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
07 सितंबर तक आमजन के लिए खुला रहेगा महोत्सव
‘ग्रामीण भारत महोत्सव’ का संपूर्ण व्यय नाबार्ड द्वारा वहन किया जा रहा है, जबकि चेष्टा गैर-सरकारी संस्था को आयोजन की कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया है।
उद्घाटन दिवस पर बड़ी संख्या में लोगों ने महोत्सव का भ्रमण किया और उत्तराखंड के स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों में रुचि दिखाई। आयोजकों के अनुसार महोत्सव 07 सितंबर 2026 तक आमजन के लिए खुला रहेगा, जहां लोग ग्रामीण उत्पादों को देख और खरीद सकेंगे।







