निजी स्कूलों की मनमानी पर चला शिक्षा विभाग का डंडा: 46 स्कूलों ने लौटाए 39.05 लाख, फीस वसूली में बड़ी कार्रवाई

नैनीताल/हल्द्वानी, 2 सितंबर। निजी विद्यालयों की मनमानी फीस वसूली के खिलाफ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्रवाई का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अप्रैल माह में अभिभावकों से नियमविरुद्ध वसूले गए अतिरिक्त शुल्क की वापसी शुरू हो गई है। जिले के 46 निजी विद्यालयों ने अभिभावकों को 39 लाख पांच हजार 405 रुपये वापस किए हैं। वहीं कई विद्यालयों ने विभिन्न मदों में वसूले जा रहे शुल्क को कम या समाप्त कर दिया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी रंजीत सिंह नेगी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अप्रैल 2026 में निजी विद्यालयों द्वारा वसूले जा रहे अतिरिक्त और अवैध शुल्क की जांच के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई थी। जांच में जिले के 87 निजी विद्यालयों में नियमविरुद्ध शुल्क वसूली की पुष्टि हुई थी।
इसके बाद प्रशासन ने संबंधित विद्यालयों को अतिरिक्त वसूली गई धनराशि अभिभावकों को वापस करने अथवा आगामी माह की फीस में उसका समायोजन करने के निर्देश दिए थे। कार्रवाई के बाद अब तक 46 विद्यालयों ने कुल 39,05,405 रुपये अभिभावकों को लौटा दिए हैं।
आठ स्कूलों ने घटाई ट्यूशन फीस
शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद आठ निजी विद्यालयों ने नियमविरुद्ध बढ़ाई गई ट्यूशन फीस को कम कर दिया है। इसके अलावा 39 विद्यालयों ने मनमाने ढंग से वसूले जा रहे परीक्षा शुल्क में कमी की है। वहीं 15 विद्यालयों ने पंजीकरण शुल्क को कम अथवा पूरी तरह शून्य कर दिया है।
टीसी के नाम पर 100 से 1000 रुपये तक वसूली
जांच के दौरान निजी विद्यालयों की फीस वसूली में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। कई विद्यालयों में ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) के नाम पर अभिभावकों से 100 से लेकर 1000 रुपये तक वसूले जा रहे थे, जबकि सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क महज एक रुपये है। प्रशासन के सख्त निर्देश के बाद अब टीसी शुल्क को घटाकर एक रुपये कर दिया गया है। अतिरिक्त वसूली गई राशि भी अभिभावकों को वापस अथवा आगामी शुल्क में समायोजित की गई है।
अब भी मनमानी की तो मान्यता पर संकट
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन विद्यालयों ने अब तक अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं किया है, उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर कठोर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नियमविरुद्ध फीस वसूली जारी रखने वाले विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति शासन को भेजी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि अभिभावकों के आर्थिक शोषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
शिकायत पर नाम रहेगा गोपनीय
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने शुल्क की वसूली अथवा अन्य किसी अनियमितता की जानकारी होने पर शिक्षा विभाग को अवगत कराएं। अभिभावक [email protected] पर ईमेल के माध्यम से शिकायत भेज सकते हैं। विभाग के अनुसार शिकायतकर्ता का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा और प्राप्त शिकायत पर प्रभावी एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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