नैनीताल में बारिश का असर: 47 मार्ग बाधित, गौला-कौसी और नंधौर नदियों का जलस्तर बढ़ा

24 घंटे में नैनीताल में 217 मिमी और हल्द्वानी में 166 मिमी बारिश; आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट, मार्ग खोलने का काम जारी

नैनीताल, 2 सितंबर 2026 जनपद नैनीताल में बीते 24 घंटों के दौरान हुई बारिश ने जनजीवन और सड़क यातायात को प्रभावित किया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण/जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार जिले की कई तहसीलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहा।
नैनीताल में सर्वाधिक 217 मिमी बारिश

रिपोर्ट के अनुसार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटों में नैनीताल (स्नो व्यू) में 217.0 मिमी, हल्द्वानी (काठगोदाम) में 166.0 मिमी तथा मुक्तेश्वर में 107.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा रामनगर में 14.6 मिमी, कालाढूंगी में 46.0 मिमी, श्री कैंची धाम में 105.0 मिमी, हल्द्वानी में 80.5 मिमी, खनस्यू में 92.5 मिमी और कोश्याकुटोली में 107.7 मिमी बारिश दर्ज की गई।

रिपोर्ट में जिले की औसत वर्षा 85.9 मिमी तथा 1 जून 2026 से अब तक की संचयी वर्षा 913.21 मिमी दर्ज की गई है।

नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर

भारी बारिश के बीच जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक गौला बैराज में 27,576 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज, जबकि कौसी बैराज से 51,786 क्यूसेक तथा नंधौर नदी से 10,000 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया। संबंधित नदियों और बैराजों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।

47 मार्गों पर यातायात प्रभावित

बारिश और भूस्खलन के कारण जनपद में कुल 47 मार्ग बाधित बताए गए हैं। इनमें 3 राज्य मार्ग, 3 मुख्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं।

जिले के विभिन्न विकासखंडों में गाजिया-बेतालघाट-खैरना, भलोन-सिमली पातली, पाण्डेगांव-सनीकोटा-गाँविया, चौरलेख-दिनामल्ली, इलाईजर-चमौली, डोबा-गौनियारों, कसियालेख-धारी, चौफी-पाण्डेखोला, वालीक-सुनकोट, बेतालघाट-रानीखेत सहित कई ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं।

कुछ मार्गों पर मार्ग खोलने का काम तेजी से चल रहा है और रिपोर्ट में अधिकांश बाधित मार्गों के 2 सितंबर को ही खुलने की संभावित तिथि दर्ज की गई है। हालांकि कुछ मार्गों के लिए मशीनरी एवं मौसम की स्थिति के अनुसार समय लग सकता है।

हल्द्वानी क्षेत्र में भी कई ग्रामीण मार्ग प्रभावित

पीएमजीएसवाई हल्द्वानी तथा काठगोदाम क्षेत्र के अंतर्गत भी अनेक ग्रामीण सड़कें बारिश से प्रभावित हुई हैं। इनमें बजन-अक्सू, फतेहपुर-बेल, बानना-बडोरा-जंगलियागांव, भुजियाघाट-स्यूयांग, हस्तना-हली, छड़ा-बैजनाथ, कौला-मंदिर मार्ग, देवीपुरा-सौड़, ओखलकांडा-कनाला, बेतालघाट-रोपा, पदमपुर-सुनकोट, कसियालेख-बचीनान, पटालच-पर्यागांव सहित कई मार्ग शामिल हैं।

जनहानि और भवन क्षति का भी उल्लेख

दैनिक आपदा रिपोर्ट में जनहानि-04, आश्रित भवन-55, पूर्ण भवन-01, पशुहानि-02 तथा गौशाला-03 का क्षति-क्रमिक विवरण दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि 28 अगस्त 2026 को वर्षा/अतिवृष्टि के कारण तहसील धारी में तीन परिवारों के भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए थे।

वहीं रिपोर्ट में 1 सितंबर 2026 को वर्षा/अतिवृष्टि के कारण एक व्यक्ति के नाले में बहने से मृत्यु होने का भी उल्लेख किया गया है। संबंधित परिवार को आपदा से अनुमन्य सहायता दिए जाने की कार्रवाई गतिमान बताई गई है।

विद्युत और पेयजल आपूर्ति सामान्य

रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान स्थिति में विद्युत आपूर्ति/पेयजल आपूर्ति सामान्य है। नालों की स्थिति भी सामान्य बताई गई है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन की मशीनरी मार्ग खोलने में जुटी

दैनिक रिपोर्ट में बताया गया है कि संबंधित खंडों द्वारा बाधित मार्गों को खोलने की कार्रवाई गतिमान है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बाधित होने की स्थिति में लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और संबंधित प्रशासनिक इकाइयों द्वारा मशीनरी के माध्यम से यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

मानस दर्पण की विशेष टिप्पणी:
लगातार बारिश के बीच नैनीताल जिले के पर्वतीय इलाकों में सड़क सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। 47 मार्गों का बाधित होना बताता है कि बारिश का असर केवल यातायात तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच पर भी पड़ रहा है। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों को प्रशासन की ओर से जारी मार्ग संबंधी सूचनाओं का पालन करते हुए अनावश्यक जोखिम से बचना जरूरी है।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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