कैंचीधाम में जाम पर केंद्र सरकार सख्त! अजय टम्टा ने दिए बड़े निर्देश, वैकल्पिक मार्गों और पार्किंग की बनेगी योजना

मंदिर में सुबह 4 बजे दर्शन शुरू करने का प्रस्ताव, प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग रास्तों पर होगा विचार; रानीबाग में वैली ब्रिज और भवाली-कैंचीधाम सड़क चौड़ीकरण की तैयारी

हल्द्वानी | 10 अक्टूबर 2026 | मानस दर्पण समाचार

हल्द्वानी/काठगोदाम। नैनीताल जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंचीधाम में लगातार लगने वाले यातायात जाम से निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने गंभीरता दिखाई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने शनिवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंचीधाम में जाम की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

वैकल्पिक मार्गों से मिलेगी जाम से राहत

बैठक में मंत्री अजय टम्टा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैंचीधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पर काम किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को वैकल्पिक मार्गों के प्रस्ताव जल्द तैयार करने को कहा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को ज्योलीकोट मार्ग से भेजने की व्यवस्था पर कार्य किया जाए, ताकि कैंचीधाम क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम हो सके।

निगलाट में पार्किंग, कैंचीधाम में प्रवेश-निकासी के अलग रास्तों का प्रस्ताव

कैंचीधाम में पार्किंग की समस्या को देखते हुए निगलाट के पास वन विभाग की नर्सरी की खाली भूमि पर पार्किंग विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और वन विभाग संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।

मंत्री ने मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने मंदिर को सुबह 6 बजे के बजाय सुबह 4 बजे खोलने के प्रस्ताव पर मंदिर प्रशासन से वार्ता करने के निर्देश दिए। साथ ही मंदिर में प्रवेश के लिए एक मार्ग और निकासी के लिए अलग मार्ग विकसित करने की संभावना पर विचार करने को कहा, ताकि मंदिर के सामने सड़क पर भीड़ और जाम की स्थिति कम हो सके।

रानीबाग में वैली ब्रिज का प्रस्ताव, गुलाबघाटी के चौड़ीकरण पर जोर

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने रानीबाग स्थित भीमताल-नैनीताल तिराहे पर लगने वाले जाम की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि यहां वैली ब्रिज बनने से नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही सुगम हो सकती है।

इस पर मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग और वन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुलाबघाटी के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शीघ्र स्वीकृत कर कार्य शुरू कराने की बात भी कही।

पाटलीगांव-रातीघाट मार्ग की खराब स्थिति पर नाराजगी

अजय टम्टा ने पाटलीगांव से रातीघाट तक सड़क की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क सुधारने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने और सैनिटोरियम से पाटलीगांव तक सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश दिए, ताकि वैकल्पिक मार्ग से वाहनों की आवाजाही सुचारू हो सके।

इसके अलावा क्वारब से तल्ला रामगढ़ मार्ग को दो लेन करने तथा कैंचीधाम से हड़तप्पा तक वैकल्पिक मार्ग के प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। मंत्री ने भवाली से कैंचीधाम तक सड़क चौड़ीकरण के लिए भी वन विभाग के समन्वय से सर्वे कराने के निर्देश दिए।

गौलापार-लालकुआं बाईपास का काम डेढ़ वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य

बैठक में मंत्री ने बताया कि गौलापार-लालकुआं बाईपास के टेंडर हो चुके हैं और इसका निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बाईपास से क्षेत्र में यातायात के दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जनता से अपील—सड़क किनारे वाहन पार्क न करें

केंद्रीय राज्यमंत्री ने आम जनता और पर्यटकों से अपील की कि पर्वतीय मार्गों पर सड़क किनारे वाहन खड़े न करें। निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें और यातायात नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रयासों के साथ जनसहयोग भी जरूरी है, तभी पर्यटन सीजन और धार्मिक आयोजनों के दौरान जाम की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश जी, आरटीओ अरविंद कुमार पांडे, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधीक्षण अभियंता राजेश पांडे, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रतनेश, उपजिलाधिकारी मोनिका, सहायक अभियंता प्रमोद सुयाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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