कैंचीधाम में खाद्य विभाग का सघन निरीक्षण, 18 से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच; 10 को नोटिस

बेसन के लड्डू और चायपत्ती के नमूने जांच के लिए भेजे गए, कमियां मिलने पर 15 दिन में सुधार के निर्देश

कैंचीधाम, 8 अक्टूबर 2026। आगामी पर्यटन सीजन एवं दशहरा-दीपावली पर्व को देखते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कैंचीधाम क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ सघन निरीक्षण अभियान चलाया। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड, आयुक्त कुमाऊं मंडल एवं जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देश पर हरतपा रोड तथा बाबा नीम करौली मंदिर के बाहर स्थित होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट एवं प्रसाद/मिठाई विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान डेढ़ दर्जन से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में लिया गया। गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर एक होमस्टे संचालक से बेसन के लड्डू तथा एक प्रसाद विक्रेता से चायपत्ती के कुल दो खाद्य नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। यदि जांच में नमूने FSS Act 2006 के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

10 प्रतिष्ठानों को ऑनलाइन नोटिस

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन में कई कमियां सामने आईं। इनमें कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस, किचन में पेस्ट कंट्रोल के लिए दवाओं का छिड़काव, खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट उपलब्ध न होना तथा FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र प्रदर्शित न करना जैसी कमियां शामिल हैं।

इन कमियों को लेकर कुल 10 प्रतिष्ठानों को ऑनलाइन नोटिस जारी किए गए। इनमें गोल्डन पाइंस होमस्टे, सिद्धि रेस्टोरेंट, बजरंग रेस्टोरेंट, बाबा मेंशन, शिवा होमस्टे, कैंची होमस्टे, स्वास्तिक होमस्टे सहित अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं।

विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को 15 दिनों के भीतर कमियों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में अनुपालन नहीं किए जाने पर कोर्ट चालान की कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार संबंधित प्रावधानों के तहत धारा 55 एवं 58 में अधिकतम 2 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

मिलावटी और कालातीत खाद्य सामग्री पर सख्ती

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि आगामी पर्यटन सीजन और दशहरा-दीपावली के मद्देनजर विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने, बिना बिल के खाद्य सामग्री की खरीद न करने, स्टॉक का पूरा विवरण रखने तथा खराब या कालातीत खाद्य सामग्री का विक्रय एवं भंडारण नहीं करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही प्रतिष्ठानों के स्टोर और किचन की नियमित साफ-सफाई तथा पेस्ट कंट्रोल कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।

खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए जारी किए गए प्रमुख निर्देश

  • प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं हाइजीन का विशेष ध्यान रखा जाए।
  • खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट न की जाए।
  • पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि एवं बैच नंबर स्पष्ट रूप से अंकित हो।
  • प्रतिष्ठानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।
  • बिल/कैश मेमो लिया और ग्राहकों को दिया जाए।
  • FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र प्रतिष्ठान पर प्रदर्शित किया जाए।
  • खराब एवं कालातीत खाद्य सामग्री का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
  • खाद्य पदार्थ तैयार करते समय फूड हैंडलर स्वच्छ एप्रिन का प्रयोग करें और उसे नियमित रूप से साफ रखें।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, मिलावट या नमूना फेल पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध FSS Act 2006 के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी प्रतिष्ठान में मिलावट या खराब खाद्य सामग्री की बिक्री की संभावना नजर आती है तो इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी असलम खान सहित अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।

 


Advertisements

गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

You cannot copy content of this page