उत्तराखंड के छात्र हरप्रीत सिंह की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि, ‘इकोरूट्स’ परियोजना को मिला ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स में उपविजेता स्थान

मानस दर्पण | हल्द्वानी

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के छात्र हरप्रीत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए विश्वविद्यालय और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी परियोजना ‘स्लो ट्रैवल मॉड्यूल फॉर उत्तराखंड (इकोरूट्स)’ को ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 के दिल्ली चैप्टर में कॉलेज विद्यार्थी श्रेणी के अंतर्गत सतत विकास लक्ष्य-11 (एसडीजी-11) में उपविजेता स्थान प्राप्त हुआ।

10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में प्राप्त जानकारी के अनुसार 55 से अधिक देशों से प्रविष्टियां शामिल हुई थीं।

क्या है हरप्रीत सिंह का ‘इकोरूट्स’ मॉडल?

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पर्यटन, आतिथ्य एवं होटल प्रबंधन विद्याशाखा के मास्टर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट (एमटीटीएम) कार्यक्रम के छात्र हरप्रीत सिंह ने यह परियोजना उत्तराखंड में जिम्मेदार और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की है।

इसका मुख्य विचार नैनीताल और मसूरी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर बढ़ते पर्यटक दबाव को कम करना तथा पर्यटकों को ग्रामीण और कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित करना है। इससे स्थानीय होमस्टे, हस्तशिल्प और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिल सकता है।

पर्यावरण अनुकूल पर्यटन पर मिलेगा प्रोत्साहन

परियोजना में डिजिटल ‘ग्रीन पॉइंट्स’ प्रणाली प्रस्तावित की गई है। इसके तहत स्थानीय होमस्टे में ठहरने, प्लास्टिक के एकल-उपयोग से बचने तथा साझा या इलेक्ट्रिक परिवहन अपनाने वाले पर्यटकों को डिजिटल अंक देने की परिकल्पना है। इन अंकों के बदले स्थानीय हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पादों और पर्यटन सेवाओं पर छूट उपलब्ध कराने का विचार रखा गया है।

हरप्रीत सिंह के अनुसार, इस मॉडल का लक्ष्य पर्यटन गतिविधियों से होने वाले कार्बन फुटप्रिंट में 30 प्रतिशत तक कमी लाना है। परियोजना ग्रामीण समुदायों की आजीविका को मजबूत करने, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने और उत्तराखंड के प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करने पर भी केंद्रित है।

हरप्रीत सिंह की उपलब्धि पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, पर्यटन, आतिथ्य एवं होटल प्रबंधन विद्याशाखा के निदेशक प्रो. एम.एम. जोशी और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अखिलेश सिंह ने उन्हें दूरभाष और ईमेल के माध्यम से बधाई दी। उन्होंने छात्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

‘इकोरूट्स’ परियोजना उत्तराखंड में पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक संभावनाशील पहल है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो यह ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों के लिए नए आर्थिक अवसर विकसित करने में सहायक हो सकती है।

 


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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