अब साल में तीन बार होगी FMGE परीक्षा, NBEMS ने मानी छात्रों की मांगें, 8 दिन से चल रहा आंदोलन खत्म

नई दिल्ली। विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई करके आए हजारों मेडिकल स्नातकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) ने आखिरकार आंदोलनरत विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स की मांगें मान ली हैं।

शुक्रवार को NBEMS अधिकारियों और आंदोलनरत छात्रों के बीच हुई अहम बैठक के बाद बोर्ड ने कई बड़े फैसले लिए हैं। बोर्ड ने अक्टूबर 2026 के अंत तक एक अतिरिक्त विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (FMGE) आयोजित करने पर सहमति जता दी है। इसके साथ ही अगले साल यानी 2027 से FMGE साल में दो बार की जगह तीन बार आयोजित की जाएगी।

क्या है नया परीक्षा शेड्यूल?

NBEMS के नए फैसले के अनुसार अब FMGE परीक्षा साल में तीन बार आयोजित होगी –

1. दिसंबर – जनवरी सत्र
2. अप्रैल – मई सत्र
3. अगस्त – सितंबर सत्र

इस फैसले से छात्रों को साल बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा और उन्हें लाइसेंस परीक्षा के लिए ज्यादा मौके मिलेंगे।

प्रश्नपत्र के पैटर्न में भी होगा बदलाव

NBEMS ने परीक्षा के पैटर्न को लेकर भी छात्रों को आश्वस्त किया है। बोर्ड ने कहा है कि प्रश्नपत्र में आसान, मध्यम और कठिन सवालों का अनुपात 30:50:20 रखा जाएगा। यानी अगर 100 सवालों के हिसाब से देखें तो करीब 30 सवाल आसान स्तर के, 50 सवाल मध्यम स्तर के और 20 सवाल कठिन स्तर के होंगे। इससे परीक्षा में पारदर्शिता और संतुलन बना रहेगा।

इसके अलावा बोर्ड ने दो और अहम मांगें भी मान ली हैं –
परीक्षा केंद्रों की सुविधाओं में सुधार – परीक्षा केंद्रों को अभ्यर्थियों की आवश्यकताओं के लिए बेहतर और अनुकूल बनाया जाएगा।
पोर्टल पर पारदर्शिता – अभ्यर्थी के पोर्टल पर सवाल की पहचान संख्या और सही उत्तर की पहचान संख्या दिखाई जाएगी, ताकि छात्र अपने प्रदर्शन का सही आकलन कर सकें।

8 दिन बाद खत्म हुआ धरना

दिल्ली के गौतम नगर में पिछले आठ दिनों से धरने पर बैठे विदेश से एमबीबीएस करके आए मेडिकल स्नातकों के लिए इसे बड़ी जीत माना जा रहा है। आंदोलन के दौरान डॉ. जसपवंत सिंह यादव भूख हड़ताल पर भी बैठ गए थे।

बैठक में मांगों पर सहमति बनने के बाद डॉ. जसपवंत सिंह यादव, डॉ. आशीष और NBEMS-FMGW समूह ने विरोध प्रदर्शन वापस लेने की घोषणा कर दी है। छात्रों ने कहा कि बोर्ड के इस फैसले से हजारों FMG छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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