नाबार्ड के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत ज्योली ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शत-प्रतिशत संतृप्ति का लक्ष्य किया प्राप्त


नैनीताल, 30 जुलाई 2026 राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), नैनीताल के मार्गदर्शन एवं सहयोग से विकासखंड भीमताल की ग्राम पंचायत ज्योली ने भारत सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत सभी पात्र ग्रामीणों को आच्छादित कर शत-प्रतिशत संतृप्ति का महत्वपूर्ण लक्ष्य प्राप्त किया है। ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के माध्यम से इस उपलब्धि की आधिकारिक पुष्टि की गई है।
इस अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत के सभी पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना सहित अन्य पात्रता आधारित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा गया। इस उल्लेखनीय प्रयास से लगभग 500 ग्रामीणों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हुआ है, जिससे आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ वित्तीय समावेशन को भी नई मजबूती मिली है।
यह सफलता नाबार्ड के मार्गदर्शन में देवभूमि जैविक उत्पादक संघ तथा महिला एवं निर्बल वर्ग उत्थान समिति, ज्योलीकोट के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। अभियान के दौरान ग्राम स्तर पर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम, विशेष शिविरों का आयोजन, आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था, बैंकों के साथ समन्वय तथा पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने के लिए सतत प्रयास किए गए। इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप ग्राम पंचायत के प्रत्येक पात्र नागरिक को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित किया जा सका।
इस अवसर पर जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, नैनीताल ने ग्राम पंचायत, सहयोगी संस्था, किसान उत्पादक संगठन, बैंकिंग संस्थाओं एवं सभी संबंधित हितधारकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना वित्तीय समावेशन की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत ज्योली द्वारा स्थापित यह मॉडल जिले की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी है तथा नाबार्ड भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं समावेशी प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।
नाबार्ड ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, किसान उत्पादक संगठनों तथा बैंकिंग संस्थाओं से अपील की है कि वे आपसी समन्वय एवं जनसहभागिता के माध्यम से इसी प्रकार के अभियान संचालित करें, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करते हुए वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को और अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सके।







