RTI से बड़ा खुलासा: ITAT कोलकाता में पांच साल में 10,199 अपीलों का निस्तारण, 2,473 मामले अब भी लंबित
₹29.63 करोड़ के सरकारी व्यय का विवरण भी सामने आया; कर्मचारियों, बजट और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक

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कोलकाता/हल्द्वानी। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गोनिया द्वारा मांगी गई जानकारी के जवाब में Income Tax Appellate Tribunal (ITAT), Kolkata Benches की न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं।
ITAT की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार पिछले पांच वर्षों की अवधि में 10,350 मामलों की सुनवाई हुई, जबकि 10,199 अपीलों का निस्तारण किया गया। वहीं 31 दिसंबर 2025 तक 2,473 मामले लंबित बताए गए हैं।
औसतन 180 दिन में निस्तारण
आरटीआई जवाब में मामलों के निस्तारण की औसत अवधि करीब 180 दिन बताई गई है। हालांकि दस्तावेजों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामलों की प्रकृति और जटिलता के आधार पर निस्तारण में लगने वाला समय अलग-अलग हो सकता है।
₹29.63 करोड़ खर्च होने का विवरण
आरटीआई के साथ उपलब्ध कराए गए मार्च 2026 के Expenditure Summary में ITAT कोलकाता से संबंधित करीब ₹29.86 करोड़ के स्वीकृत अनुदान तथा मार्च 2026 तक लगभग ₹29.63 करोड़ के व्यय का विवरण दर्ज है।
इस खर्च में वेतन, कार्यालय व्यय, किराया, भत्ते, यात्रा, ईंधन एवं लुब्रिकेंट, भवन एवं संरचना, डिजिटल उपकरण तथा मरम्मत एवं रखरखाव सहित विभिन्न मद शामिल हैं।
अधिकारियों और कर्मचारियों का भी ब्यौरा
आरटीआई के जवाब में कोलकाता बेंच के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम, पदनाम और 7वें वेतन आयोग के पे लेवल से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। दस्तावेजों में वाइस प्रेसिडेंट, ज्यूडिशियल मेंबर, अकाउंटेंट मेंबर, स्टेनोग्राफर, UDC, LDC और MTS सहित विभिन्न पदों का विवरण दिया गया है। आउटसोर्स कर्मचारियों को भी अलग से दर्शाया गया है।
नॉन-सिटिंग अवधि में कार्यालय और रजिस्ट्री चलाने के निर्देश
5 मई 2026 के कार्यालय आदेश के अनुसार कोलकाता बेंच के लिए 25 मई से 5 जून 2026 तथा कटक, गुवाहाटी, पटना और रांची बेंच के लिए 8 जून से 19 जून 2026 तक नॉन-सिटिंग अवधि निर्धारित की गई थी।
आदेश में इस अवधि के दौरान कार्यालय एवं रजिस्ट्री को सामान्य रूप से संचालित रखने तथा मामलों के वर्गीकरण और शीघ्र निस्तारण की तैयारी के लिए समय का उपयोग करने के निर्देश दिए गए थे।
कार्यालय समय में बाहर जाने के लिए अनुमति जरूरी
एक अन्य सर्कुलर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालय समय के दौरान बाहर जाने की स्थिति में सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लेने अथवा आवश्यक सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
AI और डिजिटल प्रशिक्षण पर भी जोर
18 अप्रैल 2026 के सर्कुलर में Mission Karmayogi–SADHANA Saptah के तहत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म पर कम से कम चार घंटे का प्रशिक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसमें AI से संबंधित पाठ्यक्रमों और क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया गया है।
RTI कार्यकर्ता ने बताया पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी
आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गोनिया के अनुसार सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली, लंबित मामलों, निस्तारण की स्थिति, कर्मचारियों और सरकारी धन के उपयोग से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होना पारदर्शिता एवं जवाबदेही की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
आरटीआई से सामने आए दस्तावेजों में ITAT कोलकाता की न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई आंकड़े दर्ज हैं। एक ओर पांच वर्षों में 10,199 अपीलों के निस्तारण का आंकड़ा सामने आया है, वहीं दूसरी ओर 31 दिसंबर 2025 तक 2,473 लंबित मामलों की स्थिति भी सरकारी जवाब में दर्ज है।






