सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर सपा कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि

हल्द्वानी। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उत्तराखंड सपा प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल मतीन सिद्दीकी के 17, आज़ाद नगर स्थित कार्यालय में एकत्रित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल मतीन सिद्दीकी और उनके समर्थकों ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ की। इसके बाद विचार गोष्ठी आयोजित हुई।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। उनकी जयंती देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल बचपन से ही देशभक्ति और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की भावना से प्रेरित थे। उनका जीवन संघर्ष और प्रेरणा का प्रतीक रहा है।
सिद्दीकी ने कहा कि सरदार पटेल ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद वे देश के पहले गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री बने। अपनी कूटनीति, दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रशासनिक क्षमता के बल पर उन्होंने 562 रियासतों का भारत में विलय कराया। इसी योगदान के कारण उन्हें भारत की एकता का शिल्पकार कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी से प्रभावित होकर सरदार पटेल स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने 1918 में खेड़ा सत्याग्रह और 1928 में बारडोली सत्याग्रह का सफल नेतृत्व किया। बारडोली सत्याग्रह के बाद उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि मिली। सिद्दीकी ने कहा कि पटेल दृढ़ इच्छाशक्ति और कठोर निर्णय लेने की क्षमता के साथ सरल स्वभाव, उच्च विचार और अद्भुत नेतृत्व क्षमता के धनी थे। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करें तथा आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखें।
श्रद्धांजलि सभा और विचार गोष्ठी में सोमपाल मौर्य, जावेद सिद्दीकी, अरशद अय्यूब, पूर्व पार्षद महबूब आलम, इस्लाम मिकरानी, नईम सलमानी, जावेद मिकरानी, संजय कुमार, अशरफ खान, उमैर मतीन, अनस सिद्दीकी, शकील अंसारी, अथर खान, नाज़िम खान, सुरेश गुप्ता, समीर मिकरानी, बबलू, सोनी अंसारी, उस्मान सलमानी, फ़रहत सिद्दीकी और राजू चौधरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







