ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की नई उड़ान: गांवों से जुड़ेंगे छात्र, सामाजिक बदलाव को मिलेगी नई रफ्तार

हल्द्वानी। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के सोशल आउटरीच सेल ने ग्रामीण विकास, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। विश्वविद्यालय की इस पहल से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ समाजसेवा और व्यावहारिक अनुभव का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय ने मार्गशाला फाउंडेशन तथा आरोही सोसाइटी के साथ सहयोगात्मक कार्यक्रम शुरू किए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य छात्रों को ग्रामीण विकास, सामाजिक शोध, उद्यमिता और सामुदायिक कार्यों से सीधे जोड़ना है।
मार्गशाला फाउंडेशन के साथ हुए एमओयू के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए स्थानीय आजीविका जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही डिजाइन थिंकिंग, प्रोटोटाइपिंग हैकाथॉन और युवाओं में उद्यमिता विकास से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल के माध्यम से छात्र उत्तराखंड की स्थानीय अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार और माइक्रो-एंटरप्राइज मॉडल्स की व्यावहारिक जानकारी हासिल कर सकेंगे।
वहीं, आरोही सोसाइटी के साथ हुए समझौते के तहत विद्यार्थियों को ग्रामीण क्षेत्रों में इंटर्नशिप, फील्ड रिसर्च और सामुदायिक विकास परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और ग्रामीण आजीविका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संयुक्त रूप से कार्यशालाएं, सेमिनार और शोध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की साझेदारियां विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखेंगी, बल्कि उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करेंगी। सोशल आउटरीच सेल द्वारा भविष्य में भी समाजहित और छात्र विकास से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
हल्द्वानी परिसर के निदेशक डॉ. मनोज लोहानी के नेतृत्व में सोशल आउटरीच सेल के सदस्य डॉ. बीना नारायण त्रिपाठी, डॉ. राम सुंदर शर्मा, माहेक गर्ग, योगेश भट्ट एवं मेघा जोशी लगातार ग्रामीण विकास, सामाजिक जागरूकता और समाज कल्याण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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