रॉन्ग साइड से आ रहे कैंटर ने बाइक को मारी टक्कर, समाजसेवी के 16 वर्षीय पुत्र की मौत, साथी की हालत गंभीर

गोरापड़ाव में फोरलेन बनने के बाद बिगड़ी यातायात व्यवस्था पर फिर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप

लालकुआं। हल्द्वानी से लालकुआं की ओर लौट रहे बाइक सवार दो दोस्तों की गोरापड़ाव क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसे में जिंदगी बदल गई। हाईवे पर कथित तौर पर गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से आ रहे एक कैंटर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में लालकुआं के समाजसेवी एवं अंतरराष्ट्रीय कराटे कोच उदयवीर सिंह के 16 वर्षीय मेधावी पुत्र सिद्धार्थ सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि उसका साथी अयान खान गंभीर रूप से घायल है और हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली पर भर्ती है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसा गोरापड़ाव क्षेत्र में उस समय हुआ जब रॉन्ग साइड से आ रहे कैंटर की बाइक से आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें आग लग गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दोनों युवकों को अस्पताल पहुंचाया।
घायलों की पहचान लालकुआं निवासी सिद्धार्थ सिंह (16), पुत्र उदयवीर सिंह तथा अयान खान (20), पुत्र शमशेर खान के रूप में हुई। दोनों को पहले डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान सिद्धार्थ ने दम तोड़ दिया। वहीं अयान की गंभीर हालत को देखते हुए उसे निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
इस हादसे के बाद एक बार फिर गोरापड़ाव से तीनपानी तक की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा फोरलेन निर्माण के बाद से इस क्षेत्र में ट्रैफिक अव्यवस्थित हो गया है। भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही, रॉन्ग साइड से वाहन चलने और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पिछले एक वर्ष से गोरापड़ाव क्षेत्र की यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग ने अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि गोरापड़ाव से तीनपानी के बीच सड़क हादसों में अब तक कई लोग असमय जान गंवा चुके हैं, बावजूद इसके सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। सिद्धार्थ की असमय मौत से परिवार, परिचितों और खेल जगत में शोक की लहर है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गोरापड़ाव क्षेत्र में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने, रॉन्ग साइड वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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