एक शिकायतकर्ता, दर्जनों नाम! SIR में 1,500 मतदाताओं पर आपत्तियों से मचा हड़कंप, कांग्रेस ने मांगी जांच

हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए दर्ज की गई ऑनलाइन आपत्तियों को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि करीब 1,500 मतदाताओं के नामों पर ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इनमें कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां एक ही शिकायतकर्ता की ओर से करीब 40-40 मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। कांग्रेस ने इन मामलों को प्रथमदृष्टया संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।

बुधवार को कांग्रेस महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ईआरओ/सिटी मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी विधानसभा को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी भी ऑनलाइन शिकायत या आपत्ति के आधार पर वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
हल्द्वानी विधानसभा में करीब 43 हजार आपत्तियां
कांग्रेस नेताओं के अनुसार हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचन आयोग की ओर से करीब 43 हजार आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इनके निस्तारण में कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) भी सहयोग कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही कांग्रेस निर्वाचन आयोग और प्रशासन को सहयोग करती आ रही है। संगठन की ओर से प्रत्येक बूथ पर BLA-2 की नियुक्ति की गई है, जो मतदाताओं की समस्याओं और आपत्तियों के निस्तारण में सहयोग कर रहे हैं।
हालांकि, कांग्रेस के मुताबिक 10 अगस्त से करीब 1,500 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ऑनलाइन आपत्तियों के मामले सामने आए हैं। इनमें कुछ मामलों में एक ही शिकायतकर्ता की ओर से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज कराने की जानकारी मिली है। पार्टी का कहना है कि ऐसे मामलों को सामान्य आपत्तियों की तरह नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इनकी अलग से जांच होनी चाहिए।
एक व्यक्ति ने दर्जनों मतदाताओं के नामों पर जताई आपत्ति
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि एक व्यक्ति की ओर से बड़ी संख्या में अलग-अलग मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज कराना सामान्य प्रक्रिया नहीं लगता। ऐसे मामलों में यह सत्यापित किया जाना चाहिए कि शिकायत वास्तव में संबंधित व्यक्ति ने ही दर्ज कराई है या किसी अन्य माध्यम से उसके नाम अथवा विवरण का इस्तेमाल किया गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी वास्तविक और तथ्यात्मक आपत्ति को रोकने की मांग नहीं कर रही है। पार्टी की मांग केवल इतनी है कि फर्जी, गलत अथवा संदिग्ध शिकायत के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से बाहर न हो।
फॉर्म-10 की पारदर्शिता पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने फॉर्म संख्या-10 को लेकर भी सवाल उठाए। नेताओं का कहना है कि शिकायतों से संबंधित डाटा में शिकायतकर्ता की पहचान, भाग संख्या और मतदाता क्रमांक जैसी आवश्यक जानकारियां स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की कि प्रत्येक आपत्ति के वास्तविक आधार और शिकायतकर्ता की पहचान का सत्यापन कराया जाए। जिस मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज की गई है, उसे नोटिस देकर अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर भी दिया जाए।
‘संदिग्ध शिकायतों पर नाम काटना लोकतांत्रिक अधिकारों से खिलवाड़’
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि संदिग्ध शिकायतों के आधार पर मतदाता सूची से नाम हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों से खिलवाड़ होगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत सूचना देकर अथवा अनुचित तरीके से बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम होना नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों से सीधे जुड़ा है। इसलिए पुनरीक्षण के दौरान प्रत्येक शिकायत की सत्यता की जांच करना जरूरी है।
‘SIR के विरोध में नहीं, पारदर्शिता के पक्ष में कांग्रेस’
हल्द्वानी विधानसभा के प्रभारी एवं BLA-1 डॉ. मयंक भट्ट ने कहा कि कांग्रेस SIR प्रक्रिया के विरोध में नहीं है। पार्टी निर्वाचन आयोग और प्रशासन को हर संभव सहयोग दे रही है। कांग्रेस की मांग केवल इतनी है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप संपन्न हो।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटने से उसका मताधिकार प्रभावित हो सकता है। इसलिए प्रत्येक आपत्ति की वास्तविकता की जांच करने के साथ संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
डॉ. भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के BLA-2 बूथ स्तर पर लगातार काम कर रहे हैं और वास्तविक त्रुटियों के निस्तारण में सहयोग कर रहे हैं। लेकिन एक ही शिकायतकर्ता द्वारा बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों पर आपत्ति लगाए जाने वाले मामलों को सामान्य आपत्तियों की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। ऐसे मामलों की अलग से जांच होने से SIR प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहेगी।
कांग्रेस ने प्रशासन के सामने रखीं कई मांगें
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि एक ही शिकायतकर्ता द्वारा बड़ी संख्या में दर्ज की गई आपत्तियों की अलग से जांच कराई जाए। साथ ही करीब 1,500 मतदाताओं से संबंधित सामूहिक और संदिग्ध आपत्तियों का सत्यापन कराया जाए।
पार्टी ने शिकायतकर्ता की पहचान और आपत्ति के वास्तविक आधार की जांच कराने, किसी वास्तविक मतदाता का नाम केवल ऑनलाइन आपत्ति के आधार पर न हटाने और संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर देने की मांग की।
इसके अलावा फॉर्म संख्या-10 में शिकायतकर्ता से संबंधित आवश्यक विवरण पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने, जानबूझकर गलत अथवा फर्जी आपत्ति दर्ज कराने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और SIR प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों के BLA को आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की गई।
अपात्रों की पहचान जरूरी, लेकिन पात्र मतदाताओं का अधिकार भी सुरक्षित रहे
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। अपात्र मतदाताओं की पहचान करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी पात्र मतदाताओं के नाम और उनके मताधिकार की सुरक्षा करना भी है।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी होने पर ही आम जनता और सभी राजनीतिक दलों का निर्वाचन प्रक्रिया पर विश्वास कायम रहेगा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि संगठन SIR प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग और प्रशासन को सहयोग जारी रखेगा, लेकिन किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलत, फर्जी या संदिग्ध आपत्ति के आधार पर हटाए जाने के खिलाफ आवाज भी उठाता रहेगा।
ज्ञापन देने वालों में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, BLA-1 एवं हल्द्वानी विधानसभा प्रभारी डॉ. मयंक भट्ट, जिला महासचिव मलय बिष्ट, पूर्व मंत्री सुहैल सिद्दीकी, गोविंद बगड़वाल, पार्षद एडवोकेट धर्मवीर, महानगर कोषाध्यक्ष कन्नू परगाई, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंजीनियर सुमित कुमार, एडवोकेट कोमल जायसवाल, योगेंद्र पाठक, अंकुर जोशी, मोहित दुर्गापाल और देवेंद्र नेगी आदि मौजूद रहे।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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