30 सीटों की बस में 103 यात्री, न परमिट न टैक्स के दस्तावेज; रुद्रपुर में सीज हुई बस

रुद्रपुर। यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां लेकर सड़कों पर दौड़ रही निजी बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार देर रात लालपुर क्षेत्र में संयुक्त चेकिंग अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने एक ऐसी बस पकड़ी, जिसमें निर्धारित क्षमता से तीन गुना से अधिक यात्री सवार थे। बस में केवल 30 स्लीपर सीटों की अनुमति थी, जबकि जांच के दौरान उसमें 103 यात्री मिले।

बस बहराइच से पंजाब जा रही थी। जांच के दौरान बस चालक और संचालक वैध परमिट से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके अलावा टैक्स से संबंधित जरूरी कागजात भी अधिकारियों को नहीं दिखाए गए। क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर लंबी दूरी की यात्रा कराई जा रही थी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
1.34 लाख रुपये का चालान, बस सीज
मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने बस के खिलाफ कार्रवाई की। विभाग की ओर से बस का 1.34 लाख रुपये का चालान किया गया। इसके बाद वाहन को सीज कर रुद्रपुर बस स्टेशन में खड़ा करा दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन कर यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लगातार दूसरी रात पकड़ी गई ओवरलोड बस
लालपुर क्षेत्र में ओवरलोड निजी बसों के खिलाफ यह कार्रवाई लगातार दूसरी रात हुई है। इससे एक रात पहले सोमवार को भी परिवहन विभाग की टीम ने एक ओवरलोड बस पकड़ी थी। यह बस लखीमपुर खीरी से लुधियाना जा रही थी। लगातार दो रातों में ओवरलोड बसों के पकड़े जाने के बाद निजी बसों के संचालन और उनकी निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
रात में बढ़ाई गई निगरानी
बताया गया कि रात के समय क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर चलने वाली बसों की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इसे देखते हुए परिवहन विभाग और रोडवेज निगम की टीमों ने रात में निगरानी और चेकिंग बढ़ा दी है। मंगलवार रात करीब एक बजे परिवहन कर अधिकारी जितेंद्र सिंगवान और एआरएम मधुसूदन मिश्रा के नेतृत्व में संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान यह बस अधिकारियों के हत्थे चढ़ी।
यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना गंभीर नियम उल्लंघन है। खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाली बसों में ओवरलोडिंग से दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की जान का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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