नकली दूध-पनीर और मिलावटी घी पर उत्तराखंड में शिकंजा, पूरे प्रदेश में शुरू हुआ विशेष जांच अभियान

हल्द्वानी। मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रमुख ब्रांड के घी की बिक्री पर रोक लगाए जाने के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश में सिंथेटिक दूध, नकली पनीर, खोया और मिलावटी घी के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है।

स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर विभागीय टीमें डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं। अधिकारियों को खासतौर पर ऐसे उत्पादों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें वनस्पति तेल, स्टार्च या अन्य रसायनों का इस्तेमाल कर दूध से बने उत्पादों का रूप दिया जाता है।
खुले में ले जाए जा रहे पनीर और डेयरी उत्पादों के लिए सैंपल
कुमाऊं कमिश्नर के निर्देश पर हल्द्वानी समेत कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। खुले में परिवहन किए जा रहे पनीर और अन्य संदिग्ध डेयरी उत्पादों के नमूने लिए जा रहे हैं। इन नमूनों को जांच के लिए रुद्रपुर स्थित स्टेट फूड लैब भेजा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी उत्पाद में निर्धारित मानकों से अधिक मिलावट या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थ पाए जाते हैं तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वनस्पति तेल, स्टार्च और केमिकल से तैयार उत्पादों पर नजर
विशेष अभियान के दौरान नकली पनीर, मक्खन और घी तैयार करने वाली इकाइयों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभाग ऐसे उत्पादों की जांच कर रहा है, जिनमें दूध की जगह वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य रसायनों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार मिलावटी उत्पाद न केवल उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं, बल्कि लंबे समय तक इनके सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ सकता है। इसी वजह से त्योहारों और मांग बढ़ने वाले मौसम को देखते हुए विभाग ने निगरानी और सैंपलिंग बढ़ा दी है।
डेयरी से लेकर होटल-मिष्ठान भंडार तक होगी जांच
विशेष अभियान के तहत केवल दूध और डेयरी यूनिट ही नहीं, बल्कि गोदाम, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और मिष्ठान भंडार भी जांच के दायरे में रहेंगे। अधिकारियों को संदिग्ध उत्पाद मिलने पर मौके से नमूने लेने और उनकी प्रयोगशाला जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मानकों के विपरीत या मिलावटी खाद्य पदार्थ पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं से दूध, पनीर, खोया, घी और मक्खन खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि संदिग्ध गुणवत्ता वाले या बिना लेबल के डेयरी उत्पादों की खरीद से बचें। किसी उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी सूचना दी जा सकती है।
विभाग का कहना है कि विशेष अभियान के दौरान लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और मिलावटखोरों के खिलाफ किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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