भाजपा सरकार पर अनुसूचित जाति-जनजाति विरोधी मानसिकता का आरोप, नेता प्रतिपक्ष ने बजट लैप्स को बताया ‘सामाजिक न्याय का विश्वासघात’

देहरादून, : उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर अनुसूचित जाति और जनजाति समाज के विकास के प्रति गंभीर लापरवाही और सुनियोजित उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाबद्ध तरीके से इन समाजों के अधिकारों का हनन कर रही है और विधानसभा से स्वीकृत बजट को धरातल पर खर्च करने में नाकाम रही है।
श्री आर्य ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति उप योजना (SCSP) का लगभग 51 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति उप योजना (TSP) का लगभग 3 करोड़ रुपये का बजट लैप्स हो गया। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की अनुसूचित जाति एवं जनजाति विरोधी सोच का सबसे बड़ा प्रमाण बताया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक त्रुटि नहीं है, बल्कि प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के विकास को बाधित करने की सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि निर्धारित 60 करोड़ रुपये में से केवल 9 करोड़ रुपये ही जिला स्तर तक पहुंच सके और बाकी 51 करोड़ रुपये सरकार की उदासीनता और अधिकारियों की लापरवाही के चलते 31 मार्च को लैप्स हो गए।
यशपाल आर्य ने सवाल उठाया कि जिन वर्गों को सामाजिक और आर्थिक रूप से मुख्यधारा में लाने के लिए योजनाएं बनाई जाती हैं, उनका पैसा सरकार द्वारा वापस कर दिया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने भाजपा सरकार से पूछा कि आखिर अनुसूचित जाति और जनजाति समाज के विकास के लिए आवंटित धनराशि क्यों खर्च नहीं की गई और किसके संरक्षण में यह गंभीर वित्तीय लापरवाही हुई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में इन समाजों के उत्थान के प्रति संवेदनशील होती, तो यह धनराशि गांवों और बस्तियों तक पहुंचती और सड़कों, पेयजल, सामुदायिक भवन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च होती। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के समय प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति एवं जनजाति बस्तियों के विकास के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये का बजट सुनिश्चित किया जाता था, जबकि भाजपा सरकार ने इसे घटाकर 60 करोड़ रुपये कर दिया और अब उसी घटे हुए बजट में 51 करोड़ रुपये लैप्स हो गए।
श्री आर्य ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार समाज के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बंद नहीं करती है, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा, “बजट लैप्स कराना केवल वित्तीय लापरवाही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की भावना के साथ विश्वासघात है।”
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की कि लैप्स हुए बजट की तत्काल विशेष स्वीकृति दी जाए, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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