“11 सीटों पर सिमटी कांग्रेस, अब जनता को न्याय का पाठ पढ़ा रही शैलजा”: बंशीधर भगत का तीखा हमला
बोले—अंकिता मामले में धामी सरकार ने की त्वरित कार्रवाई; कांग्रेस की न्याय यात्रा को बताया “स्वांग”

देहरादून। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस को 11 सीटों तक सिमटते देखने वाली शैलजा को जनता को विकास और न्याय का पाठ पढ़ाने से पहले अपनी राजनीतिक असफलताओं का हिसाब देना चाहिए।
भगत ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में शैलजा उत्तराखंड की सह-प्रभारी थीं और उस चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने हरियाणा और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी शैलजा पर निशाना साधा और उन्हें “राजनीतिक असफलताओं की पर्याय” बताया।
अंकिता भंडारी प्रकरण पर शैलजा के बयानों को भगत ने भ्रामक और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने मामले में त्वरित कार्रवाई की, एसआईटी गठित की और अदालत में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की।
भगत ने दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर उठाए गए सवालों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस की हताशा दर्शाता है।
कांग्रेस की प्रस्तावित न्याय यात्रा और विधानसभा सत्र के घेराव पर तंज कसते हुए भगत ने कहा कि राज्य की जनता धामी सरकार के सुशासन, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे फैसलों के साथ खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की न्याय यात्रा फ्लॉप साबित होगी और जनता आगामी चुनावों में पार्टी को जवाब देगी।








