हैड़ियागांव में जनसभा: ग्रामीणों की समस्याओं पर रामपाल सिंह ने अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
जंगल-वन्यजीवों से सुरक्षा, बिजली, सिंचाई और जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा उठा; पंचायत भवन में कंप्यूटर व्यवस्था की भी मांग

नैनीताल, 23 अक्टूबर। नैनीताल विकासखंड के हैड़ियागांव स्थित राजीव गांधी पंचायत भवन में उत्तराखंड सरकार के बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष एवं दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह की अध्यक्षता में जनसभा आयोजित की गई। जनसभा में ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याएं उठाईं, जिन पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसभा में ग्रामीणों, महिला स्वयं सहायता समूहों, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों, ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान जंगल एवं वन्यजीवों से सुरक्षा, विद्युत आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था तथा कुछ विद्यालयों के जर्जर भवनों से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं।
मौके पर समस्याएं सुनकर दिए निर्देश
रामपाल सिंह ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुनते हुए बताया कि अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे धरातल पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
जनसभा के दौरान स्थानीय युवाओं ने पंचायत भवन में कंप्यूटर की व्यवस्था किए जाने की मांग भी रखी। इस पर मंत्री ने यथासंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।
पात्र लोगों तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ
मंत्री रामपाल सिंह ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी स्तर पर बाधा आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में स्थानीय ग्राम प्रधान सहित अर्थ एवं संख्या अधिकारी मुकेश नेगी तथा विद्युत विभाग, पेयजल निगम, वन विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसभा के माध्यम से ग्रामीणों ने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। अब संबंधित विभागों की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि लंबित समस्याओं का समाधान कितनी शीघ्रता से हो पाता है।







