हल्द्वानी में संस्कृत प्रवक्ता परीक्षा को लेकर सख्ती, केंद्रों के 100 मीटर दायरे में धारा 163 लागू
23 अक्टूबर को तीन परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में होगी परीक्षा, प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई

हल्द्वानी, 22 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षा (प्रवक्ता संवर्ग समूह-ग) सेवा की सामान्य शाखा एवं महिला शाखा के अंतर्गत विषयवार लिखित परीक्षा-2025 में संस्कृत विषय की परीक्षा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नगर मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत हल्द्वानी के तीन परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं।
प्रशासन के अनुसार, संस्कृत विषय की लिखित परीक्षा शुक्रवार, 23 अक्टूबर को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इसके लिए नगर क्षेत्र में तीन परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
ये हैं हल्द्वानी के तीन परीक्षा केंद्र
- श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल, सिविल लाइंस, भोटिया पड़ाव।
- खालसा नेशनल बालिका इंटर कॉलेज, भोटिया पड़ाव।
- हिमालया विद्या मंदिर, आवास विकास।
नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार, 22 अक्टूबर से परीक्षा समाप्त होने तक इन केंद्रों के चारों ओर 100 मीटर की परिधि में प्रतिबंध प्रभावी रहेंगे।
पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक
आदेश के तहत सक्षम प्रशासनिक अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के समूह में एकत्र होने और सभा करने पर प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास शस्त्र, लाठी, डंडा, बल्ला आदि लेकर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल, परीक्षा से संबंधित अफवाहें फैलाने और पर्चे वितरित करने पर भी रोक लगाई गई है।
बिना अनुमति बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध
नगर मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि पूर्व अनुमति के बिना कोई बाहरी व्यक्ति परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में प्रवेश नहीं कर सकेगा। हालांकि, परीक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों पर ये प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने और आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना, परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना और परीक्षा प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।







