हल्द्वानी में टुक-टुक बेचने वालों पर आयुक्त दीपक रावत का शिकंजा! 4 हजार वाहनों की होगी जांच, बिना रजिस्ट्रेशन मिले तो सीधे सीज
जनसुनवाई में खुला बड़ा खेल! बिना व्यावसायिक लाइसेंस बेच दिए कई टुक-टुक, खरीदारों के फंसे पैसे; मौके पर ही पीड़ित को वापस दिलाए 25 हजार रुपये

हल्द्वानी, 31 अक्टूबर 2026।
हल्द्वानी में टुक-टुक की खरीद-फरोख्त में कथित अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। बिना वैध व्यावसायिक लाइसेंस के टुक-टुक बेचने और उनका पंजीकरण नहीं होने की शिकायत पर आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को हल्द्वानी स्थित कैम्प कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने आरटीओ को शहर में संचालित सभी टुक-टुक के पंजीकरण की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण संचालित पाए जाने वाले वाहनों को सीज करने के साथ संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाए।
जनसुनवाई में सामने आया कि शहर में करीब 4,000 टुक-टुक संचालित हो रहे हैं। इनमें कितने वाहन विधिवत पंजीकृत हैं और कितनों का संचालन नियमों के विपरीत हो रहा है, इसकी जांच अब परिवहन विभाग करेगा।
बिना लाइसेंस बेचे गए टुक-टुक, खरीदारों की मुश्किलें बढ़ीं
जनसुनवाई में सुरेश मौर्य निवासी नई बस्ती जीतपुर नेगी ने शिकायत की कि उन्होंने जमीर अहमद से टुक-टुक खरीदा था, लेकिन संबंधित फर्म का व्यावसायिक लाइसेंस न होने के कारण वाहन का पंजीकरण नहीं हो पाया। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस तरह कई अन्य लोगों को भी वाहन बेचे गए हैं।
आयुक्त ने संबंधित विक्रेता को तलब कर पूछताछ की तो पता चला कि कई लोगों को टुक-टुक बेचे गए, लेकिन उनका पंजीकरण नहीं हो सका। संबंधित फर्म का व्यावसायिक लाइसेंस नवीनीकृत नहीं होने के कारण आरटीओ कार्यालय में पंजीकरण की प्रक्रिया अटक गई थी।
इस पर आयुक्त ने संबंधित विक्रेता को खरीदारों की धनराशि वापस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना बिक्री लाइसेंस व्यावसायिक रूप से वाहन बेचना और बिना पंजीकरण उन्हें सड़क पर उतारना गंभीर कानूनी मामला है। उन्होंने आरटीओ को ऐसे कारोबार में शामिल दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच करने तथा अवैध पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।
आयुक्त के हस्तक्षेप से मौके पर ही वापस मिले 25 हजार रुपये
जनसुनवाई में शिकायतकर्ता सुरेश मौर्य को बड़ी राहत मिली। आयुक्त के हस्तक्षेप पर जमीर अहमद से शिकायतकर्ता को मौके पर ही 25 हजार रुपये वापस दिलाए गए। साथ ही शेष धनराशि भी वापस करने के निर्देश दिए गए।
वहीं विठौरिया निवासी रोहित कुमार की टुक-टुक खरीद में धोखाधड़ी की शिकायत पर संबंधित पक्ष को एक सप्ताह के भीतर वाहन का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए। एआरटीओ को भी मामले में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
बिना आरटीओ ट्रांसफर वाहन बेचा तो मालिक भी नहीं बचेंगे
आयुक्त ने वाहन खरीद-बिक्री में लापरवाही पर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि वाहन बेचने से पहले आरटीओ कार्यालय में स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। बिना ट्रांसफर वाहन बेचने के बाद भी पुराने मालिक के नाम चालान और अन्य देनदारियां आने की स्थिति गंभीर है। भविष्य में किसी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ईसाई लामाचौड़ निवासी मनवीर सिंह के मामले में जांच के दौरान वाहन का स्वामित्व हस्तांतरित किए बिना बेचने की बात सामने आई। इस पर आयुक्त ने एआरटीओ को नियमानुसार 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
बंद पड़े ऐतिहासिक घराट फिर होंगे गुलजार, महिला समूह संभालेंगे संचालन
जनसुनवाई में केवल शिकायतों का निस्तारण ही नहीं हुआ, बल्कि उत्तराखंड की पारंपरिक विरासत को बचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल सामने आई।
ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़ ने रामड़ी आनसिंह क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़े ऐतिहासिक घराट (पनचक्की) के पुनरुद्धार की मांग रखी। आयुक्त दीपक रावत ने मुख्य अभियंता सिंचाई एसके शुक्ला से जानकारी लेते हुए घराट को दोबारा चालू करने के लिए शीघ्र एस्टीमेट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि पारंपरिक घराट उत्तराखंड की अमूल्य और पर्यावरण के अनुकूल ऐतिहासिक धरोहर हैं। इनके पुनर्निर्माण से न केवल हमारी संस्कृति सुरक्षित रहेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को पौष्टिक पिसा हुआ आटा भी उपलब्ध होगा। खास बात यह है कि इस घराट का संचालन महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कराने की योजना है, जिससे महिलाओं की आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा।
घोड़े की मौत के बाद बीमा नहीं मिला तो अधिकारियों पर भड़के आयुक्त
ओखलकांडा के ग्राम बड़ौन निवासी गणेश सिंह पुत्र स्व. लच्छम सिंह ने घोड़े की मृत्यु के बाद बीमा राशि का भुगतान नहीं होने की शिकायत की। मामले में आयुक्त ने वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी से जवाब तलब किया और नाराजगी जताई।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि घोड़े का बीमा नहीं हुआ था तो पशुपालक को इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं दी गई। आयुक्त ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को विभागीय जांच कराने और अपर निदेशक पशुपालन विभाग, कुमाऊं मंडल आरएस को भी मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लेखपाल को लगाई फटकार, तीन दिन में निकालना होगा जमीन का अंश
माला फतेहपुर निवासी गरिमा रावत ने शिकायत की कि कई बार पूछने के बावजूद क्षेत्रीय लेखपाल उन्हें उनकी भूमि का अंश और विवरण उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इस पर आयुक्त ने लेखपाल को कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेखपाल को तीन दिन के भीतर भूमि का अंश निकालकर शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
अन्य शिकायतों पर भी आयुक्त ने दिखाई गंभीरता
जनसुनवाई में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने, प्राधिकरण द्वारा भवन का नक्शा पास करने में देरी, 42 लाख रुपये देने के बावजूद प्लॉट नहीं मिलने, भूमि पर जबरन कब्जा करने तथा विद्युत पोल हटाने जैसी शिकायतें भी सामने आईं।
इनमें सुरेश चंद्र बजूनियाहल्दू ने प्रधानमंत्री आवास योजना, चंद्रशेखर निवासी नैनीताल ने नक्शा पास कराने में देरी, राजेश कुमार निवासी काशीपुर ने 42 लाख रुपये देने के बाद भी प्लॉट नहीं मिलने, रमा नेगी ने भूमि पर जबरन कब्जे और आनंद सिंह सूर्या ने विद्युत पोल हटाने की शिकायत रखी। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामलों का नियमानुसार समाधान करने के निर्देश दिए। अधिकांश मामलों में दोनों पक्षों की सहमति से समाधान कराया गया।
जनसुनवाई में आयुक्त का साफ संदेश: जनता को परेशान करने वालों पर होगी कार्रवाई
आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान करना है।
हल्द्वानी में टुक-टुक की खरीद-बिक्री और पंजीकरण की जांच के आदेश के बाद अब परिवहन विभाग की कार्रवाई पर सबकी निगाहें रहेंगी। करीब चार हजार वाहनों की जांच में कौन-कौन नियमों के दायरे में आता है और किनके खिलाफ कार्रवाई होती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।







