पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का सीडीओ ने किया सघन निरीक्षण, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के दिए कड़े निर्देश

नैनीताल, 31 अक्टूबर।

जनपद में सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और छात्राओं के वास्तविक अधिगम स्तर का आकलन करने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर छात्राओं से सीधे संवाद किया और हिंदी, अंग्रेजी, गणित सहित विभिन्न विषयों से जुड़े सवाल पूछकर उनकी शैक्षणिक समझ एवं तार्किक क्षमता को परखा।

निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने छात्राओं से पढ़ाई के तरीके, शिक्षण व्यवस्था और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना या परीक्षा परिणाम बेहतर बनाना नहीं, बल्कि प्रत्येक छात्रा में विषयों की वास्तविक समझ और सीखने की क्षमता विकसित करना होना चाहिए।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण पर जोर

मुख्य विकास अधिकारी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गतिविधि आधारित, व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुखी शिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों में उपलब्ध आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग होना चाहिए, ताकि छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी मिल सके।

उन्होंने विद्यालय में संचालित मध्याह्न भोजन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और छात्राओं को निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

प्रयोगशाला, पुस्तकालय और आईसीटी लैब का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर, कक्षा-कक्षों, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, आईसीटी लैब, व्यावसायिक शिक्षा, खेल मैदान, खेल सामग्री एवं शिक्षण-अधिगम संसाधनों का विस्तृत परीक्षण किया गया।

सीडीओ ने निर्देश दिए कि प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और आईसीटी लैब का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए। उपलब्ध संसाधन केवल दिखावे तक सीमित न रहें, बल्कि छात्राओं को इनके माध्यम से सीखने और प्रयोग करने के पर्याप्त अवसर मिलें।

कमजोर छात्राओं के लिए विशेष कक्षाएं, शिक्षकों की तय होगी जवाबदेही

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि छात्राओं के विषयवार अधिगम स्तर का नियमित मूल्यांकन किया जाए। जिन छात्राओं का शैक्षणिक स्तर अपेक्षित मानकों से कम है, उनके लिए विशेष उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल उपस्थिति दर्ज करने और पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है। प्रत्येक शिक्षक को अपनी कक्षा की छात्राओं की सीखने की प्रगति पर विशेष ध्यान देना होगा। शैक्षणिक गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर संबंधित जिम्मेदारियों की समीक्षा की जाएगी।

कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश

सीडीओ ने मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना अधिकारी एवं विद्यालय की प्रधानाचार्य को निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में उपलब्ध सभी शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन दिखाई दे।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी एस.सी. आर्या, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी मुकेश नेगी, जिला समन्वयक समग्र शिक्षा नैनीताल रविन्द्र तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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