सांसद अजय भट्ट ने घोड़ाखाल गोलू देवता मंदिर को मानसखंड मंदिर माला मिशन में शामिल करने की उठाई मांग

मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किया अनुरोध, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पार्किंग और यातायात सुविधाओं के विकास पर दिया जोर

नैनीताल। नैनीताल जिले के घोड़ाखाल स्थित प्रसिद्ध श्री गोलू देवता मंदिर को मानसखंड मंदिर माला मिशन में शामिल करने की मांग उठी है। नैनीताल-ऊधम सिंह नगर के सांसद अजय भट्ट ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मंदिर को इस मिशन में सम्मिलित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

सांसद अजय भट्ट ने पत्र में कहा है कि घोड़ाखाल का श्री गोलू देवता मंदिर उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। न्याय के देवता के रूप में पूजे जाने वाले गोलू देवता के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। यहां उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा अन्य राज्यों और विदेशों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि घोड़ाखाल मंदिर को मानसखंड मंदिर माला मिशन में शामिल करने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। इससे कैंची धाम, जागेश्वर धाम और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ पर्यटन गतिविधियों को जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

पत्र के अनुसार, वर्तमान में मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुरूप पार्किंग, यातायात प्रबंधन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का पर्याप्त विकास नहीं हो पाया है। इसके कारण विशेष अवसरों और पर्यटन सीजन में स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सांसद ने सुझाव दिया कि मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र में पार्किंग, सड़क, यातायात व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी पत्र भेजकर उचित कार्रवाई का अनुरोध किया गया था।

अजय भट्ट ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि घोड़ाखाल स्थित श्री गोलू देवता मंदिर को मानसखंड मंदिर माला मिशन में शामिल करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं, ताकि क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ पर्यटन विकास को भी बढ़ावा मिल सके।


Advertisements

गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

You cannot copy content of this page