ल्वेशाल गांव को मिली 2.54 करोड़ की लिफ्ट सिंचाई योजना की सौगात, किसानों को मिलेगा लाभ

कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के प्रयासों से योजना को मिली स्वीकृति, अधिकारियों को जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

भीमताल। भीमताल विधानसभा क्षेत्र के रामगढ़ विकासखंड की ग्राम सभा ल्वेशाल के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के प्रयासों से गांव में 2 करोड़ 54 लाख रुपये की लागत से लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है। योजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना की टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाए।

मंत्री कैड़ा ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करना और ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ल्वेशाल में लिफ्ट सिंचाई योजना बनने से किसानों को खेती के लिए पानी की उपलब्धता में सुविधा होगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। सिंचाई, सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण जनता को विकास योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।

कई गांवों का दौरा कर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने आज भीमताल विधानसभा क्षेत्र के मटेला, पतलोट, अमजड़, सुवाकोट, पोखरी, थली, मोहनागांव और हरिनगर सहित विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया। मंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही न बरतने और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।

ल्वेशाल गांव के लिए स्वीकृत 2.54 करोड़ रुपये की लिफ्ट सिंचाई योजना को क्षेत्र में कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब किसानों को योजना के निर्माण और इसके शीघ्र धरातल पर उतरने का इंतजार है।

 


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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