ज्योलिकोट में जल जनित बीमारी पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन
घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य टीमें, 113 लोगों की स्क्रीनिंग; 90 ब्लड सैंपल लिए, 7 मरीज भर्ती

नैनीताल, 09 सितंबर 2026। ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और उपचार व्यवस्था तेज कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर घर-घर सर्वे कर रही हैं और लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 94 घरों का भ्रमण कर 113 लोगों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान 90 लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए लिए गए। लोगों को ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां भी वितरित की गईं। प्रभावित क्षेत्रों में आशाओं और स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से 3,900 क्लोरीन टैबलेट वितरित की जा चुकी हैं।
सात क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग ने गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट, भल्यूटी और चोपड़ा में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए। शिविरों में स्थानीय लोगों की जांच के साथ आवश्यक दवाएं एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।
पीएचसी ज्योलिकोट में 98 मरीजों की जांच
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 98 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार 7 लोगों को भर्ती किया गया है। पीएचसी को सुदृढ़ करते हुए रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
10 सितंबर को मिलेंगी फिजिशियन और गैस्ट्रोलॉजिस्ट की सेवाएं
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 10 सितंबर को सेंट्रल हॉस्पिटल हल्द्वानी के डॉ. हर्षित जोशी (फिजिशियन) और डॉ. सोनाली पांडे (गैस्ट्रोलॉजिस्ट) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में ओपीडी सेवाएं देंगे। विभाग ने क्षेत्रवासियों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पतालों में होगा रेफर
गंभीर अथवा उच्च चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता वाले मरीजों को बेस अस्पताल हल्द्वानी, बी.डी. पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल और सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने में आवश्यक सहयोग भी दिया जाएगा।
निजी अस्पताल में उपचार की आवश्यकता होने पर आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार उपलब्ध कराने में भी विभाग सहयोग करेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने, पानी को सुरक्षित तरीके से पीने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।
— चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जनपद नैनीताल







