कठुआ के CISF कैंप में खूनी वारदात: असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार जवानों की मौत, हेड कांस्टेबल गिरफ्तार
पत्नी के बच्चे को कैंप लाने के मुद्दे पर विवाद की बात सामने आई, लेकिन फायरिंग की सटीक वजह की जांच जारी

जम्मू-कश्मीर/कठुआ। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली क्षेत्र में स्थित सीआईएसएफ कैंप में मंगलवार शाम हुई गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा महकमे को झकझोर दिया। सेवा हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात एक CISF हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर अपने ही साथियों पर सर्विस राइफल से फायरिंग कर दी। घटना में असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार CISF कर्मियों की मौत हो गई। आरोपी हेड कांस्टेबल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उसकी सर्विस राइफल भी जब्त कर ली गई है।
ड्यूटी के दौरान कहासुनी के बाद बिगड़ी स्थिति
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना 29 सितंबर 2026 की शाम करीब 7 से 7:30 बजे बसोहली क्षेत्र के मशका गांव स्थित सेवा हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की CISF यूनिट में हुई। अधिकारियों के अनुसार जवानों के बीच किसी मुद्दे को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद स्थिति अचानक हिंसक हो गई और आरोपी ने कथित तौर पर अपने साथियों पर गोली चला दी।
पत्नी और बच्चे से जुड़े विवाद का एंगल भी सामने आया
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि विवाद की पृष्ठभूमि में आरोपी हेड कांस्टेबल और उसकी पत्नी द्वारा ड्यूटी बदलने के दौरान अपने छोटे बच्चे को साइट पर लाने का मुद्दा हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई थी और शिकायत के बाद विवाद बढ़ा। हालांकि, यह बात अभी जांच के स्तर पर है और पुलिस/CISF ने इसे अंतिम कारण के रूप में घोषित नहीं किया है।
यही वजह है कि घटना के वास्तविक कारण को लेकर फिलहाल सावधानी बरती जा रही है। CISF से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी में भी कहा गया है कि विवाद और उसके बाद हुई गोलीबारी की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट और सब-इंस्पेक्टर भी शामिल
गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल चारों जवानों को उपचार के लिए हिमाचल प्रदेश की ओर स्थित नजदीकी NHPC अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान इस प्रकार बताई गई है—
- असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे — कंपनी कमांडर
- सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह
- कांस्टेबल संदीप कुमार
- कांस्टेबल मोहम्मद रफीक
अधिकारियों के मुताबिक सभी जवान परियोजना की सुरक्षा में तैनात थे।
आरोपी हेड कांस्टेबल हिरासत में
प्रारंभिक रिपोर्टों में आरोपी की पहचान हेड कांस्टेबल अभिदेश/अवधेश कुमार सिंह के रूप में की गई है। वह 2009 बैच का बताया गया है। गोलीबारी के बाद कैंप में मौजूद अन्य कर्मियों ने उसे काबू किया, जिसके बाद उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने इस्तेमाल की गई सर्विस राइफल को भी कब्जे में ले लिया है।
CISF ने शुरू की आंतरिक जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए CISF और स्थानीय पुलिस दोनों ने जांच शुरू कर दी है। CISF मुख्यालय की ओर से कोर्ट ऑफ इंक्वायरी/आंतरिक जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद किस बात से शुरू हुआ, गोलीबारी की परिस्थितियां क्या थीं और घटना से पहले कैंप में क्या घटनाक्रम हुआ।
हिमाचल सीमा के करीब है घटनास्थल
घटना स्थल कठुआ जिले के बसोहली क्षेत्र के मशका गांव में स्थित है और यह इलाका हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की सीमा के नजदीक है। घटनास्थल तक पहुंचने के लिए हिमाचल प्रदेश की ओर से होकर जाना पड़ता है। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस और CISF अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था को संभाला।






