चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में घुसा पानी और मलबा, सात मजदूरों की मौत; 14 घायल


पीपलकोटी (चमोली)। उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय सुरंग के भीतर 22 मजदूर मौजूद बताए गए। हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 14 मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
अचानक तेज बहाव के साथ घुसा पानी और मलबा
बताया गया कि निर्माणाधीन सुरंग में मजदूर रोज की तरह काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक सुरंग के भीतर पानी और मलबे का तेज बहाव घुस आया। कुछ ही पलों में सुरंग का एक हिस्सा पानी और मलबे से भर गया। अचानक हुए घटनाक्रम से मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
पानी और मलबा घुसते ही सुरंग के भीतर चीख-पुकार मच गई। मजदूर अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। हादसे की सूचना बाहर पहुंचते ही प्रशासनिक अमला और राहत-बचाव दल सक्रिय हो गया।
युद्धस्तर पर शुरू किया गया बचाव अभियान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। पानी और भारी मलबे के कारण सुरंग के भीतर पहुंचने में बचाव दल को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद टीमों ने लगातार अभियान चलाकर प्रभावित मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास किया।
बचाव अभियान के दौरान सुरंग के भीतर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
सात मजदूरों की मौत से मचा कोहराम
हादसे में सात मजदूरों की मौत की सूचना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के शवों को सुरंग से बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। वहीं घायल मजदूरों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
हादसे की सूचना मिलते ही मजदूरों के परिजन भी घटनास्थल और अस्पतालों की ओर रवाना हो गए। अपनों की कुशलता जानने के लिए परिजन परेशान रहे।
सुरंग में मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सुरंग के भीतर अचानक इतनी मात्रा में पानी और मलबा कैसे घुसा। साथ ही, ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरंग में किस तरह के सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच और घटना से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राहत और बचाव पर प्रशासन का पूरा फोकस
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और सुरंग में फंसे किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। बचाव दल सुरंग के भीतर पानी और मलबा हटाने के साथ सुरक्षित रास्ता बनाने में जुटा है।
हादसे के बाद पीपलकोटी और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं सात मजदूरों की मौत से क्षेत्र में शोक पसरा हुआ है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।






