विश्व मानवतावादी दिवस के तहत राजकीय इंटर कॉलेज रातीघाट मे छात्र छात्रों के व आम जन मानस के लिए एस0डी0आर0एफ0 प्रशिक्षण,चिकित्सा परीक्षण व पुलिस विभाग द्वारा नशा उन्मूलन,साइबर अपराध पर विधिक साक्षरता एवं जगरूकता शिविर का आयोजन


दिनांक 19.08.2026 माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल / जिला न्यायाधीश श्री प्रशांत जोशी जी के निर्देशन में सिविल जज (सी०डि०) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल श्रीमती पारुल थपलियाल के द्वारा विश्व मानवतावादी दिवस के तहत राजकीय इंटर कॉलेज रातीघाट मे छात्र छात्रों के व आम जन मानस के लिए एस0डी0आर0एफ0 प्रशिक्षण,चिकित्सा परीक्षण व पुलिस विभाग द्वारा नशा उन्मूलन,साइबर अपराध पर विधिक साक्षरता एवं जगरूकता शिविर का आयोजन किया।। सर्व प्रथम एस0डी0आर0एफ0 द्वारा आपदा के समय दिये जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे मे प्रशिक्षण दिया गया। जिसमे बताया की त्वरित बचाव अभियान: बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, और आग जैसी आपात स्थितियों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, दुर्घटनाओं में सहायता: सड़क या रेल दुर्घटनाओं और बोरवेल में गिरने जैसी घटनाओं में राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना, आपदा प्रबंधन और राहत वितरण: आपदा के बाद पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा, भोजन और आवश्यक राहत सामग्री पहुँचाना। साथ ही सीपीआर कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन के बारे बताया यह एक आपातकालीन जीवन रक्षक प्रक्रिया है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन अचानक रुक जाए यह प्रक्रिया मस्तिष्क और अन्य अंगों तक रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाती रहती है, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सहायता (एम्बुलेंस या डॉक्टर) आने तक व्यक्ति को जीवित रखा जा सके, जिस के उपरांत पुलिस विभाग से आए एनटीएफ टास्क फोर्स प्रभारी रमेश पन्त द्वारा नशे के सम्बन्ध मे एनडीपीएस एक्ट के बारे मे विस्तार पूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस विभाग साइबर सेल प्रभारी मीनू गौतम द्वारा साइबर अपराध गतिविधियों के बारे मे विस्तार पूर्ण जानकारी दी गई। साइबर होने पर 1930 पर काल कर अपनी रिपोट दर्ज कराने के बारे मे भी बताया गया। सिविल जज (सी०डि०) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल श्रीमती पारुल थपलियाल द्वारा विश्व मानवता वादी दिवस पर बताया की यह दिन उन बहादुर लोगों की याद में मनाया जाता है जिन्होंने दुनिया भर में आपदाओं, युद्धों और संकटों के बीच दूसरों की जान बचाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया या अपनी जान गंवा दी। सचिव द्वारा नशे के बारे मे जानकारी,व मोटर वाहन अधिनियम के बारे बताया कि यह अधिनियम गति सीमा, हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात संकेतों के पालन को अनिवार्य बनाता है ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सकेलापरवाही से गाड़ी चलाने, शराब पीकर वाहन चलाने (ड्रिंक एंड ड्राइव), या नाबालिगों द्वारा गाड़ी चलाने पर सख्त जुर्माने और सजा का प्रावधान इसी कानून के तहत किया जाता है ,शिविर मे प्रधानाचार्य एस पी सिंह, यशवंत कुमार, संजय कुमार पुष्कर बीना, एस आई विपुल भट्ट, गणेश भट्ट, विजय खैरोला, विक्रम सिंह, नवीन पाडेय आदि मौजूद रहे।।








