एमबीपीजी कॉलेज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ

हल्द्वानी, 8 अगस्त 2026 राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हल्द्वानी के बायोटेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस हॉल में “गणितीय शोध एवं शिक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आज शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का आयोजन उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रायोजित मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत संचालित शोध परियोजना “AI Powered Innovation in Mathematical Research Education for Hilly Regions of Uttarakhand” के तहत किया जा रहा है। कार्यशाला 8 एवं 9 अगस्त 2026 को आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह बनकोटी के मार्गदर्शन में तथा कार्यशाला के संयोजक डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह एवं सह-संयोजक डॉ. कामिका चौधरी के समन्वय से आयोजित की जा रही है। प्रथम दिवस के तकनीकी सत्रों का संचालन डॉ. गोपाल दत्त, सहायक प्राध्यापक, स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के द्वारा किया गया।


कार्यशाला के प्रथम दिवस तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र में “फाउंडेशनल बैकग्राउंड—स्मार्ट तरीके से सीखें, अधिक मेहनत से नहीं” विषय के अंतर्गत प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग की आधारभूत जानकारी दी गई।
द्वितीय सत्र में कंटेंट क्रिएशन एवं वैलिडेशन के अंतर्गत ChatGPT, Claude आदि एआई टूल्स की सहायता से विषयवस्तु तैयार करने तथा उसकी विश्वसनीयता एवं सत्यापन की प्रक्रिया पर जानकारी दी गई। वहीं तृतीय सत्र में डेटा के विश्लेषण, सार-संक्षेप एवं दृश्यांकन पर चर्चा की गई, जिसमें Claude, NotebookLM आदि एआई टूल्स के माध्यम से डेटा से उपयोगी निष्कर्ष प्राप्त करने और उन्हें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला के प्रथम दिवस लगभग 40 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से शोध एवं शिक्षा के क्षेत्र में नवीन तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराया जा रहा है। कार्यशाला के दौरान हैंड्स-ऑन एआई प्रदर्शन, शोध एवं शिक्षा के लिए एआई टूल्स तथा गणितीय शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की नवीन तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ गणितीय शोध, डेटा विश्लेषण, विषयवस्तु निर्माण एवं शिक्षा के क्षेत्र में एआई के प्रभावी और व्यावहारिक उपयोग के लिए सक्षम बनाना है।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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