नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने पर लोनिवि के तीन इंजीनियर निलंबित

अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता पर गिरी गाज, जांच में तकनीकी और पर्यवेक्षण स्तर पर गंभीर लापरवाही मिली

देहरादून। प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के मामले में लोक निर्माण विभाग के तीन इंजीनियरों पर आखिरकार कार्रवाई हो गई। जांच में प्रथम दृष्टया तकनीकी और पर्यवेक्षण स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद शासन ने लोनिवि के देहरादून प्रांतीय खंड से जुड़े अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, सहायक अभियंता अमित त्यागी और कनिष्ठ अभियंता नवीन गैरौला को निलंबित कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने शुक्रवार शाम तीनों इंजीनियरों के निलंबन के आदेश जारी किए। निलंबन अवधि में तीनों इंजीनियर प्रमुख अभियंता कार्यालय देहरादून से संबद्ध रहेंगे। मामले में जांच के दौरान सामने आई कमियों के आधार पर संबंधित डिजाइन कंसलटेंट और प्रूफ चेकिंग कंसलटेंट की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
रिवर डाइवर्जन का काम नहीं हुआ
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि नंदा की चौकी पुल के निर्माण से जुड़े कार्य में डिजाइन कंसलटेंट की ओर से रिवर डाइवर्जन वर्क किया जाना प्रस्तावित था। हालांकि, मौके पर यह काम नहीं कराया गया। इसके अलावा नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय भी पर्याप्त नहीं किए गए।
इसके चलते नदी का प्रवाह एक स्थान पर केंद्रित हो गया। तेज बहाव का सीधा असर पुल की एप्रोच रोड पर पड़ा और देखते ही देखते सड़क का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जांच में इसे तकनीकी खामी के साथ ही निगरानी में लापरवाही से जोड़कर देखा गया है।
पहले विभागीय स्तर पर दी गई थी सफाई
नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आने के बाद इस पर सवाल उठे थे। इस संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारियों की ओर से मामले में सफाई भी दी गई थी और सामने आई स्थिति को नकारने का प्रयास किया गया था। हालांकि, बाद में कराई गई जांच में तकनीकी और पर्यवेक्षण संबंधी कमियां सामने आने के बाद विभाग के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
कंसलटेंट की भी तय होगी जिम्मेदारी
शासन ने केवल विभागीय इंजीनियरों पर ही कार्रवाई तक मामला सीमित नहीं रखा है। एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने के लिए संबंधित डिजाइन कंसलटेंट और प्रूफ चेकिंग कंसलटेंट की भूमिका की भी जांच में जिम्मेदारी तय की गई है।
लोनिवि सचिव ने प्रमुख अभियंता को दोनों कंसलटेंट के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में पुल और उसकी एप्रोच रोड को सुरक्षित रखने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा है।
भविष्य में ऐसी स्थिति न हो, इसके लिए कार्ययोजना
शासन की ओर से विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पुल की सुरक्षा और एप्रोच रोड को स्थायी रूप से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक तकनीकी उपाय किए जाएं। साथ ही नदी के प्रवाह और निर्माण कार्यों से जुड़े सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।


Advertisements

गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

You cannot copy content of this page