उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में हरेला महोत्सव के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ माननीय सांसद श्री अजय भट्ट द्वारा

उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक परंपरा, प्रकृति संरक्षण एवं हरित विकास के प्रतीक हरेला महोत्सव के अवसर पर उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ माननीय सांसद श्री अजय भट्ट द्वारा पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस में विश्वविद्यालय परिसर में फल उद्यान (Fruit Orchard) की स्थापना के उद्देश्य से विभिन्न फलदार प्रजातियों के लगभग 100 पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय सांसद श्री अजय भट्ट जी ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास का जन-आंदोलन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण एवं उनके संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि हरेला उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत एवं प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय इस पर्व को केवल परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी के निर्वहन का माध्यम मानता है। हरेला सप्ताह के अंतर्गत लगाए जाने वाले पौधे विश्वविद्यालय परिसर को हरित एवं सुंदर बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों एवं समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक चेतना का भी संचार करेंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिकाधिक वृक्षारोपण कर हरेला को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का भी संकल्प लेने का आग्रह किया।
भौमिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विद्याशाखा के निदेशक प्रोफेसर पी. डी. पंत ने कहा कि विश्वविद्यालय का यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में जनभागीदारी को सुदृढ़ करने तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्‍छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने का एक सार्थक प्रयास है।
हरेला कार्यक्रम के संयोजक एवं वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के समन्वयक डॉ. एच. सी. जोशी ने बताया कि हरेला सप्ताह के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में अगले पाँच दिनों तक वृहद वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं शिक्षार्थी परिसर के विभिन्न स्थलों पर पौधारोपण करेंगे। अभियान के अंतर्गत लगभग 500 फलदार, औषधीय, पुष्पीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया जाएगा। डॉ. जोशी ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने में पर्यावरणविद् डॉ. आशुतोष पंत (सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी) द्वारा निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति उनका यह योगदान अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न स्थलों का चयन किया गया है, जहाँ फलोद्यान (Fruit Orchard) के साथ-साथ मियावाकी पद्धति पर आधारित मिश्रित वन (Miyawaki Forest) भी विकसित किया जाएगा। इस पहल से परिसर में जैव विविधता का संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि, कार्बन अवशोषण तथा पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह विद्यार्थियों एवं समाज के लिए प्रकृति संरक्षण का एक जीवंत शिक्षण एवं प्रदर्शन मॉडल भी बनेगा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं शिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पौधारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण, पौधों के संरक्षण एवं हरित उत्तराखण्ड के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया। यह अभियान उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय की पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दीर्घकालिक पहल है।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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