ओखलकांडा सड़क हादसे पर उठे गंभीर सवाल, निष्पक्ष जांच और 25 लाख मुआवजे की मांग जिम्मेदारी तय करने के साथ खराब सड़क की गुणवत्ता और निर्माण की जांच कराने की उठी मांग

नैनीताल जिले के ओखलकांडा। क्षेत्र में 10 अगस्त को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चालक की मौत के बाद मामले को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे के बाद पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु मृतक के शोकाकुल परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
परिजनों और ग्रामीणों ने पनेरु के सामने हादसे की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग रखी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जिस मार्ग की स्थिति बेहद खराब और कच्ची थी, वहां वाहन ले जाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उनका कहना था कि यदि मार्ग सुरक्षित आवागमन के लिए तैयार नहीं था तो वाहन को वहां ले जाने का निर्णय किसके निर्देश पर लिया गया।
कृषि विभाग के सामान को लेकर भी सवाल
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि कृषि विभाग का सामान प्रधान के घर उतारने के लिए वाहन को इस तरह के असुरक्षित मार्ग पर ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी। यदि सामान पहुंचाने के लिए वाहन को खराब सड़क पर ले जाया गया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी थी और वाहन चालक को वहां जाने के लिए किस स्तर से निर्देश दिए गए, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
परिजनों और ग्रामीणों ने विधायक निधि से बनी बताई जा रही कच्ची सड़क को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सड़क की स्थिति यदि वाहन के सुरक्षित आवागमन के अनुकूल नहीं थी तो वहां वाहन ले जाने का दबाव क्यों बनाया गया। ग्रामीणों ने सड़क के निर्माण, गुणवत्ता, एलाइनमेंट और सुरक्षा मानकों की भी जांच कराने की मांग की।

जांच में दोष मिला तो जिम्मेदारी तय हो
हरीश पनेरु ने कहा कि हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। जांच के दौरान यदि सड़क निर्माण में एलाइनमेंट, गुणवत्ता या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से मृतक के परिवार को तत्काल कम से कम 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की। साथ ही क्षेत्र की खराब और असुरक्षित सड़कों का सर्वे कराकर आवश्यक सुधार कराने की बात कही, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
‘आखिर कब तक पहाड़ की जनता जान देकर कीमत चुकाती रहेगी’
हरीश पनेरु ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “आखिर कब तक पहाड़ की जनता खराब और असुरक्षित सड़कों की कीमत अपनी जान देकर चुकाती रहेगी? इस हादसे की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदारी तय हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”
उन्होंने कहा कि यह केवल संवेदना व्यक्त करने का समय नहीं है, बल्कि हादसे की परिस्थितियों की जांच कर जवाबदेही तय करने का भी समय है। मृतक परिवार को न्याय और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। साथ ही सड़क निर्माण से जुड़े मानकों की अनदेखी हुई है तो उसे सामने लाकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन और सरकार से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कराने और मृतक परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है


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गिरीश भट्ट

मुख्य संवाददाता - मानस दर्पण

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