पीएम श्री अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज की बदहाली पर उठे सवाल : प्रधानाचार्य पर पेड़ों को काटकर बेचने का आरोप
जहां कभी गूंजती थी 2000 विद्यार्थियों की आवाज, आज करीब 500 छात्र-छात्राएं मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझने को मजबूर होने का आरोप


महुआखेड़ा गंज/काशीपुर कभी क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था की पहचान रहे पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज, महुआखेड़ा गंज की वर्तमान स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उत्तराखंड के विभिन्न गांवों और शहर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे गांवों के करीब 500 छात्र-छात्राएं इस विद्यालय में अध्ययनरत हैं। बताया जाता है कि एक समय यह विद्यालय क्षेत्र का प्रमुख इंटर कॉलेज हुआ करता था और यहां विद्यार्थियों की संख्या करीब 2000 तक पहुंचती थी। इस विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर अनेक विद्यार्थी आज शासन-प्रशासन के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना चुके हैं।

लेकिन अब विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गर्मी में पंखे खराब, रोशनी की व्यवस्था भी सवालों में
क्षेत्रीय लोगों और अभिभावकों, बच्चों का आरोप है कि विद्यालय की कई कक्षाओं में पंखे खराब पड़े हैं, जिसके चलते गर्मी के मौसम में विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं होने की शिकायत है। कई स्थानों पर बल्ब खराब अथवा उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है।
शौचालयों की स्थिति खराब, छात्राओं के लिए अलग व्यवस्था पर सवाल
विद्यालय के शौचालयों की स्थिति भी चिंता का विषय बताई जा रही है। शौचालयों में गंदगी, टूटे दरवाजे तथा कुछ स्थानों पर अंदर से कुंडी नहीं लगने की बात सामने आई है। छात्र-छात्राओं के साथ पढ़ने वाले इस विद्यालय में छात्राओं के लिए पर्याप्त एवं पृथक शौचालय व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
खेल का मैदान या पशुओं का पड़ाव?
विद्यालय का खेल मैदान भी बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। मैदान में जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है, जिससे विद्यार्थियों के लिए खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही है।
वहीं क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कुछ स्थानीय लोग पड़ोसियों के द्वारा विद्यालय परिसर के खेल मैदान में भैंस और घोड़े जैसे पशुओं को बांधते तथा चराते हैं। यह विद्यालय की सुरक्षा, स्वच्छता और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध खेल सुविधाओं पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विद्यालय प्रशासन को इस पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए।
पेड़ों की कटाई और बिक्री का मामला भी जांच के घेरे में
विद्यालय परिसर में लगे यूकेलिप्टस के कुछ पेड़ों को प्रधानाचार्य द्वारा काटकर बेचने के आरोप भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि यह आरोप अभी जांच का विषय है। प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी ने इस मामले के संज्ञान में होने की पुष्टि करते हुए बताया है कि पेड़ों की कटाई एवं बिक्री के आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित की जा चुकी है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक ही गेट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की कमी का हवाला
विद्यालय में प्रवेश के लिए मुख्य रूप से एक ही गेट होने की बात सामने आई है। आरोप है कि विद्यालय समय में कुछ बच्चे गेट कूदकर परिसर से बाहर निकल जाते हैं। इस मामले में विद्यालय प्रशासन की ओर से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की कमी को एक प्रमुख समस्या बताया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय में निगरानी की ठोस व्यवस्था आवश्यक है।
“स्थानीय प्रशासन,शिक्षा विभाग गंभीरता से ले मामला”
क्षेत्रीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शिक्षा विभाग एवं स्थानीय प्रशासन को विद्यालय की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जांच कराकर शीघ्र सुधारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि जिस विद्यालय ने दशकों तक क्षेत्र को शिक्षित और प्रतिभाशाली युवा दिए, वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने कही सख्त कार्रवाई की बात
इस संबंध में नगर पालिका महुआखेड़ा गंज के अध्यक्ष एडवोकेट रिजवान अहमद ने बताया कि क्षेत्रीय लोगों के माध्यम से विद्यालय प्रशासन की अनियमितताओं और लापरवाही से संबंधित शिकायतें उनके संज्ञान में अब आई हैं। उन्होंने कहा कि वह मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने स्तर से शीघ्र आवश्यक एवं सख्त कार्रवाई करेंगे।
अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन और विद्यालय प्रबंधन इन शिकायतों पर कितनी गंभीरता दिखाते हैं। क्षेत्रवासियों की मांग है कि विद्यालय की व्यवस्थाओं की समग्र जांच कराकर पंखे, बिजली, शौचालय, खेल मैदान, सुरक्षा एवं परिसर की अन्य व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके और क्षेत्र के इस पुराने शिक्षण संस्थान की गौरवशाली पहचान फिर कायम हो सके।
वाइट:-डॉ संतोष सिंह इंचार्ज प्रधानाचार्य





