हल्द्वानी के युवाओं के लिए खुला ग्लोबल करियर का नया द्वार

2,500 करोड़ की लागत से तैयार देश का पहला ‘एआई-ऑगमेंटेड’ स्मार्ट कैंपस, अब घर के पास मिलेगी विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा

हल्द्वानी। तेजी से बदलती तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में पारंपरिक शिक्षा मॉडल अब युवाओं की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में पीछे छूटते नजर आ रहे हैं। आने वाला समय उन्हीं युवाओं का माना जा रहा है, जो तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ-साथ ग्लोबल इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगे। ऐसे समय में उत्तराखंड, खासकर हल्द्वानी और कुमाऊं क्षेत्र के छात्रों के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित यह देश का पहला ‘एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी’ स्मार्ट कैंपस अब उत्तराखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने जा रहा है।
अब महानगरों की ओर नहीं करना होगा पलायन
हल्द्वानी में आयोजित विशेष प्रेस वार्ता में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी के डीन (साइंसेज़) डॉ. हिमांशु त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अब तक उन्हें बेहतर तकनीकी शिक्षा और कॉर्पोरेट एक्सपोज़र के लिए बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य इसी दूरी को खत्म करना है, ताकि हल्द्वानी और कुमाऊं के छात्र अपने घर के पास रहते हुए एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसी आधुनिक तकनीकों में विश्वस्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकें।
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि युवाओं को ग्लोबल रोजगार के लिए तैयार करना सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी सोच के तहत विश्वविद्यालय ने अपने पूरे शैक्षणिक ढांचे को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया है।
गूगल-माइक्रोसॉफ्ट समेत 23 बड़ी कंपनियों से साझेदारी
विश्वविद्यालय ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी 23 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ एमओयू किए हैं। इसके जरिए छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि लाइव प्रोजेक्ट्स और रियल-टाइम कॉर्पोरेट अनुभव भी मिलेगा। इसके अलावा 100 से अधिक बड़ी कंपनियों की भागीदारी वाला ‘कॉर्पोरेट एडवाइजरी बोर्ड’ छात्रों को शुरुआती स्तर से ही करियर गाइडेंस प्रदान कर रहा है।
68 नए प्रोग्राम और 22 पीएचडी कोर्स शुरू
विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 68 विशेष प्रोग्राम लॉन्च किए हैं। इनमें 40 अंडरग्रेजुएट, 16 पोस्टग्रेजुएट और 12 लेटरल एंट्री प्रोग्राम शामिल हैं। वहीं, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए 22 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएचडी प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं।
50 करोड़ की स्कॉलरशिप से मिलेगा सहारा
उत्तराखंड के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय ने सीयूसीईटी-2026 स्कॉलरशिप एवं एडमिशन पोर्टल की घोषणा की है। इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से योग्य छात्रों को 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप दी जाएगी। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि पिछले सत्र में भी 2,000 से अधिक छात्रों को करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति का लाभ मिला था। हल्द्वानी के छात्र भी ऑनलाइन माध्यम से इस परीक्षा में शामिल होकर विश्वविद्यालय में प्रवेश पा सकते हैं।
स्टार्टअप और रिसर्च को मिल रहा बढ़ावा
इनोवेशन और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय में ‘कैम्पस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ जैसी पहल शुरू की गई हैं। ‘कैम्पस टैंक’ के माध्यम से अब तक 1,000 से अधिक स्टार्टअप्स को करीब 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग से जोड़ा जा चुका है। वहीं ‘नारी’ योजना के तहत छात्राओं को तकनीकी रिसर्च और नवाचार के क्षेत्र में विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
हाल ही में आयोजित ‘क्वांटम फॉर भारत’ मिशन और देश के पहले ‘एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन’ में देशभर से 5,000 से अधिक युवाओं की भागीदारी ने विश्वविद्यालय की तकनीकी सोच और विजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
उत्तराखंड के युवाओं के भविष्य को नई दिशा
प्रेस वार्ता के अंत में डॉ. हिमांशु त्रिपाठी ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि उत्तर भारत के युवाओं के भविष्य को बदलने वाला एक ट्रांसफॉर्मेटिव इकोसिस्टम है। इसका सबसे बड़ा लाभ हल्द्वानी और कुमाऊं क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा, जिन्हें अब बेहतर करियर और वैश्विक अवसरों के लिए अपने राज्य से बाहर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।


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गणेश मेवाड़ी

संपादक - मानस दर्पण

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